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कथा कीर्तन:अच्छे कर्म करने से ही परमात्मा की प्राप्ति होती है : संत गुरदियाल सिंह

टांडा उड़मुड़8 महीने पहले
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  • जहां नाम की अराधना होती है वहां नाम व नामी में कोई अंतर नहीं होता

टांडा उड़मुड़ मेंं महान सालाना इकोत्री समागम के दौरान बाबा बलवंत सिंह हर तरफ खुशियां बांट रहा है। संत बाबा गुरदियाल सिंह मुख्य सेवादार ने कथा कीर्तन करते हुए कहा कि सत्संग साधनों का वह समूह है जहां नाम की अराधना होती है और नाम व नामी में कोई अंतर नहीं होता।

उन्होंने कहा कि नाम-सिमरन हृदय की वह प्रक्रिया है जो अपने आप होती रहती है, बड़े व अच्छे कर्मों वाले ही इसके अधिकारी बनते हैं। उन्होंने बताया कि संसार की हर वस्तु की सिरजना परमात्मा सदका ही हुई है, असल दृष्टि का मूल परमात्मा है, भक्तजनों को जब कोई मुश्किल आती है तो वह नाम का सहारा लेते हैं और नाम जपने के साथ ही सब कुछ मिल जाता है।

इस समागम के दौरान संत जगदीप सिंह, संत भरपूर सिंह, संत अमरीक सिंह, संत गुरदीप सिंह जहां अपनी हाजिरी लगा चुके हैं। वहीं आगामी गुरमति समागम के दौरान भी बहुत से संत महापुरुष व सिख जगत की प्रमुख शख्सियतें हाजिरी भरेंगी।

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