पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जिला जेल में खूनी झड़प:हथियारों से लैस आधा दर्जन कैदियों ने बैरक में घुसकर 2 हवालातियों पर किया हमला, दोनों गंभीर

होशियारपुर16 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
सिविल अस्पताल होशियारपुर में जख्मी हवालाती हरजिंदरपाल और रमन कुमार उर्फ ठंडा का इलाज कर रहे डॉक्टर। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल होशियारपुर में जख्मी हवालाती हरजिंदरपाल और रमन कुमार उर्फ ठंडा का इलाज कर रहे डॉक्टर।

केंद्रीय जिला जेल होशियारपुर में बुधवार सुबह करीब 7 बजे हवालातियों व कैदियों के दो गुटों में खूनी झड़प हो गई। झड़प में इरादा कत्ल और कत्ल केस में बंद दो हवालाती युवक घायल हो गए। दोनों हवालातियों के सिर, टांगें, पीठ और बाजुओं पर तेजधार हथियारों के गहरे जख्म थे।

दोनों को सिविल होशियारपुर में भर्ती करवाया है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत गंभीर है। सिविल में भर्ती हरजिंदरपाल निवासी तलवाड़ा ने बताया कि वह 31 महीने से धारा 307 (इरादा कत्ल) के एक मामले में जेल की बैरक नंबर 3 में बतौर हवालाती बंद है।

इसी बैरक में रमन कुमार उर्फ ठंडा निवासी मुकेरियां 25 महीने से धारा 302 (कत्ल) मामले में हवालाती है। हरजिंदरपाल ने बताया कि वह बैरक में सोया था जबकि रमन जेल में गुरुद्वारा साहिब में माथा टेक लौटा था। उस समय करीब सुबह 7 बजे बैरक 19 में बंद शाना गुट के करीब आधा दर्जन युवक हथियारों से लैस हो बैरक में आए और रमन व मुझ पर जानलेवा हमला कर दिया।

शाना गुट के प्रिंस, डब्बू, झिंझर, गोरा व बिल्ला ने रॉडों और हथियारों से वार किए। जान से मारने की कोशिश की। आरोप लगाया कि शोर मचाने पर भी मुलाजिमों ने बचाव नहीं किया। बुरी तरह घायल हो गए तो जेल प्रशासन पहुंचा और उनको सिविल में पहुंचाया।

वहीं, थाना सिटी के एसएचओ तलविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने जख्मी हरजिंदरपाल व रमन कुमार उर्फ ठंडा के बयानों पर प्रिंस, गुरप्रीत उर्फ गोरा, डब्बू, संदीप, जसकरण उर्फ बिल्ला समेत 5-6 अज्ञात हमलावरों पर धारा 307 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, जेल अधिकारी हरभजन सिंह का फोन नंबर पर बंद आ रहा था।

घायलों का आरोप-शाना गुट दे रहा था धमकियां, पर जेल अधिकारी ने नहीं की सुनवाई
कहा-हमारी जान को खतरा, हमलावरों को दूसरी जेल में शिफ्ट करे प्रशासन

जख्मी हरजिंदरपाल और रमन कुमार ने बताया कि इसी साल 30 अप्रैल को उनको शाना गुट के प्रिंस और डब्बू समेत उनके साथियों ने किसी बात को लेकर जान से मारने की धमकियां दी थीं। विरोध किया तो उसी दिन इनसे झगड़ा हुआ था। इसके बाद यह लोग समय समय पर गाली गलोच करते थे। इस बारे में जेल अधिकारी हरभजन सिंह को लिखती शिकायत भी की थी, लेकिन कार्रवाई की बजाए हमें ही धमकाया गया।

आरोप लगाया कि शिकायत पर उसी समय कार्रवाई होती तो आज उन पर जानलेवा हमला नहीं होता। उन्होंने कहा कि हमला हरभजन सिंह ने ही साजिश के तहत करवाया है, क्योंकि, वह उसकी डिमांड पूरी नहीं कर रहे थे। अब हमारी जान को खतरा है। उन्होंने हमलावरों समेत डिप्टी हरभजन सिंह पर भी कानूनी कार्रवाई की मांग की और आरोपी हमलावरों को किसी और जेल में तब्दील किया जाए।

हमले में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट का हाथ होने के लगाए आरोप झूठे : जेल सुपरिंटेंडेंट
उधर, जेल सुपरिंटेंडेंट इकबाल सिंह धालीवाल ने कहा-जानलेवा हमला कर जेल के नियमों को तोड़ने वाले हमलावरों के खिलाफ सख्त एक्शन ले रहे हैं। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। थाना सिटी में केस दर्ज करवा दिया है। पर हरजिंदरपाल और रमन के डिप्टी हरभजन सिंह पर लगाए साजिश के आरोप झूठे हैं। क्योंकि, उक्त लोगों ने 30 अप्रैल को भी लड़ाई की थी, जिसका हरभजन सिंह ने सख्त नोटिस लिया था।

इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवाई गई थी। इसी कारण यह लोग हरभजन सिंह पर आरोप गा रहेहैं। इनको बाकी हवालातियों से अलग रखा था। माफी मांगने पर फिर बैरक में तब्दील किया, लेकिन फिर भी झगड़े से नहीं हटे। उन्होंने बताया कि हरभजन सिंह तीन दिन की छुट्टी पर हैं, जबकि लड़ाई बुधवार को सुबह हुई। हरभजन सिंह के खिलाफ लगाए आरोप बेबुनियाद हैं।

खबरें और भी हैं...