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मंडे पॉजिटिव:21 साल से लोगों को साइकिल पर रक्तदान, नेत्रदान व देहदान के लिए प्रेरित कर रहे, मरणोपरांत 29 लोगों के नेत्रों को प्राप्त कर चुके

टांडा उड़मुड़17 दिन पहलेलेखक: कमल अरोड़ा
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टांडा के समाजसेवी बरिंदर सिंह मसीती का समाजसेवा के प्रति जुनून - Dainik Bhaskar
टांडा के समाजसेवी बरिंदर सिंह मसीती का समाजसेवा के प्रति जुनून

टांडा के रहने वाले भाई बरिंदर सिंह मसीती पिछले 21 साल से साइकिल पर रोज करीब 20 किलोमीटर सफर कर गांवों व शहरों में जाकर लोगों को खूनदान, नेत्रदान, और देहदान के प्रति जागरूक कर रहे हैं। बरिंदर सिंह मसीह नेत्रदान एसोसिएशन होशियारपुर से जुड़े हैं। वे साल 2000 से इस मुहिम को जारी रखे हैं। अब तक उनकी ओर से 29 नेत्रदानियों की आंखें मरणोपरांत पंजाब सरकार मेडिकल काॅलेज अमृतसर में भेजी जा

चुकी हैं। उनकी तरफ से सरकारी मेडिकल काॅलेज अमृतसर के अलावा पटियाला, फरीदकोट, पीजीआई चंडीगढ़ में लोगों के नेत्रदान किए जा चुके हैं। 25 अगस्त से 8 सितंबर तक देशभर में नेत्र पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत लगभग ढाई लाख आंखें दान करवाने का लक्ष्य रखा गया है। बरिंदर सिंह मसीति ने लोगों से अपील की है कि कि नेत्रदान को अपने सभ्याचार का हिस्सा बनाएं।

समारोह में पहुंचकर करते हैं लोगों को प्रेरित

भाई बरिंदर सिंह मसीती जिस इलाके में कोई बड़ा समारोह होता है, वहां साइकिल चलाकर पहुंच जाते हैं। उन्होंने साइकिल पर लोगों को नेत्रदान, देहदान आदि लिखे स्लोगन के बोर्ड लगा रखे हैं। वे धार्मिक व सामाजिक समागम के अलावा शादी समारोह आदि में पहुंचकर लोगों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बिना डरे नेत्रदान व देहदान करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

प्रोफेसर बहादुर सिंह ने किया था प्रेरित|बरिंदर मसीह बताते हैं कि 2000 की बात रही हाेगी। उनकी कैसेट की दुकान हुआ करती थी। उस समय प्रो. बहादुर सिंह जो अब नेत्रदान एसोसिएशन होशियारपुर के प्रभारी भी हैं, उन्होंने उनकी दुकान पर आकर उन्हें नेत्रदान व देहदान का महत्व बताया। इसके बाद वे इस मुहिम में जुड़ गए और लगातार लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। वे कहते हैं कि इससे उन्हें सुकून मिलता है।

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