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महंगी होगी कंस्ट्रक्शन:7 माह में कोयले के रेट ढाई गुना बढ़े, महंगी हो सकती हैं ईंटें, 15 को चंडीगढ़ में होगी बैठक

होशियारपुर6 दिन पहले
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7 महीने में कोयले के रेट में करीब ढाई गुना इजाफा हुआ है। इसकी मार जहां जिले के ईंट-भट्ठा मालिकों को पड़ेगी, वहीं लोगों की भी जेब पर भी इसका असर पड़ेगा। जिले में इस समय कुल 120 ईंट-भट्ठे चल रहे हैं। जून से सितंबर के बीच मानसून सीजन में ईंट-भट्ठे बंद रहने के दौरान बाजार में इस समय ईंटें प्रति हजार 6 हजार से लेकर साढ़े 6 हजार रुपए में बिक रही है।

लेकिन, इस बीच कोयले के रेट में बेतहाशा इजाफा हुआ है। ईंट-भट्‌ठा मालिकों की मानें तो अक्टूबर में जब दोबारा ईंट-भट्ठे चालू होंगे तो ईंट का रेट बढ़कर करीब एक हजार रुपए प्रति हजार बढ़ सकता है। ईंट-भट्ठा मालिकों का कहना है कि 7 महीने पहले तक हमें ईंट भट्ठे पर जो कोयला 9 हजार रुपए प्रति टन के हिसाब से भट्‌ठे तक मिल रहा था, जो अब बढ़कर 23 हजार रुपए प्रति टन तक पहुंच रहा है। उन्होंेने कहा कि कोरोना के चलते पहले से ही मंदी की मार झेल रहे भट्‌ठा उद्योग को बचाने के लिए केंद्र व सूबा सरकार को राहत प्रदान करनी चाहिए।

जिले में हैं 120 ईंट भट्ठे, हर भट्‌ठे पर करीब 200 लोग करते हैं काम

ईंट भट्ठा मालिक मनीश गुप्ता व राकेश मोहन पुरी व अन्य ने बताया कि जिले में 120 ईंट भट्ठे हैं। हर भट्ठे पर औसतन 200 के करीब कर्मचारी और मजदूर काम करते हैं। यदि कोयले के रेट पर लगाम नहीं लगा, तो ईंट भट्ठा उद्योग को बंद करने के अलावा कोई और रास्ता भी नहीं है। इससे हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। मनीश गुप्ता व राकेश मोहन पुरी ने बताया कि मौजूदा समय की तकनीक के मुताबिक ईंट भट्ठे सिर्फ कोयला आधारित ही है। इन्हें धान के छिलके, लकड़ी के बुरादे या फिर किसी अन्य फसल के अवशेष से चलाने की तकनीक बंद हो चुकी है।

केंद्र सरकार को चाहिए मोनोपली तोड़े
ईंट भट्ठा मालिक ने बताया कि अमेरिका, आॅस्ट्रेलिया व इंडोनेशिया से कोयला गुजरात पोर्ट पर उतरने के बाद आगे जाता है। देश के नामी व्यापारियों की मोनोपली से कोयले के दाम में इजाफा हो रहा है। कंस्ट्रक्शन वर्क पर वैसे ही मंदी छाई हुई हैै। एेसे में कोयले के रेट में इजाफा होने से हमें मजबूरन ईंट के रेट बढ़ाने होंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि कोयले के व्यापारियों की मोनोपली को तोड़े ताकि सस्ते रेट पर कोयला उपलब्ध हो सके।

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