शुभ प्राप्त:शारदीय नवरात्र आज से, 6.17 बजे से लेकर 7.07 बजे तक शुभ मुहुर्त

होशियारपुर15 दिन पहले
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  • इस बार शारदीय नवरात्र पर 6.17 बजे से लेकर 7.07 बजे तक शुभ मुहुर्त

वीरवार से शारदीय नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। हिंदी पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से मां दुर्गा की आराधना का महापर्व नवरात्रि शुरु होती है। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरुप मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा क्रमश: की जाती है। ज्योतिषाचार्य पंडित दीनबंधु शास्त्री व पंडित काशी कांत झा के अनुसार नवरात्र में घट स्थापना या कलश स्थापना को शुभ मुहुर्त में ही करना चाहिए। शुभ मुहुर्त में कार्य करने फल भी शुभ प्राप्त होता है। इस बार शारदीय नवरात्र पर 6.17 बजे से लेकर 7.07 बजे तक शुभ मुहुर्त है।

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 7 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से हो रहा है। इस दिन ही कलश स्थापना या घट स्थापना होगा और मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। ज्योतिषाचार्य पंडित शंभूनाथ झा के अनुसार इस वर्ष नवरात्र आठ दिन के हैं क्योंकि आश्विन शुक्ल षष्ठी तिथि का क्षय हो रहा है। नवरात्र में प्रथम दिन के बाद अष्टमी का बहुत महत्व होता है। इसे दुर्गाष्टमी या महाष्टमी कहते हैं। इस वर्ष दुर्गाष्टमी 13 अक्टूबर को है। इस दिन मां महागौरी की पूजा होती है। ज्योतिषाचार्य विनय शर्मा ने बताया कि कई स्थानों पर नवरात्रि में कन्या पूजन महाष्टमी के दिन किया जाता है और कई स्थानों पर महानवमी के दिन। यदि आप दुर्गाष्टमी के दिन करते हैं तो कन्या पूजन 13 अक्टूबर को होगा और यदि महानवमी के दिन करते हैं तो कन्या पूजन 14 अक्टूबर को होगा। इस दिन कन्याओं को भोजन कराने, उनका पूजन करने और दक्षिणा देकर आशीर्वाद लेने की परंपरा है।

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