बढ़ोतरी:सरकारी स्कूलों के छात्रों को 5वीं, 8वीं, 10वीं व 12वीं की मार्कशीट के लिए चुकानी होगी 300 रुपए तक फीस

होशियारपुर2 महीने पहले
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  • पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से हर वर्ष परीक्षा व कांटीन्यूशन फीस में लगातार बढ़ोतरी की जा रही

शिक्षा विभाग ने अब सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों का रूप व कारगुजारी को अपनाना शुरू कर दिया है। अब बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को मार्कशीट व डीएमसी के लिए फीस अदा करनी होगी। बोर्ड के नए नियमों के अनुसार पांचवीं कक्षा का नंबर कार्ड हासिल करने के लिए 100 रुपए फीस अदा करनी होगी। वहीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं के नंबर कार्ड (डीएमसी) के लिए 300 रुपए फीस निर्धारित कर दी है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से हर वर्ष परीक्षा व कांटीन्यूशन फीस में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है।

अब बोर्ड कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों पर क्लास पास करने पर नंबर कार्ड यानी मार्कस शीट हासिल करने के लिए फीस निर्धारित करके सरकारी स्कूल में पढ़ते जरूरतमंद परिवारों के बच्चों पर आर्थिक बोझ डाल दिया है। गवर्नमेंट टीचर यूनियन पंजाब ने इसका विरोध जताते हुए इसे विद्यार्थियों को पढ़ाई से दूर करने की पैंतरेबाजी करार दिया है। गवर्नमेंट स्कूल यूनियन के होशियारपुर जिले के प्रधान प्रिंसिपल अमनदीप शर्मा ने सर्टिफिकेट के लिए 300 रुपए की अलग से मांग का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा फीस लेने के बाद भी परीक्षा नहीं ली गई व परीक्षा परिणाम जारी कर दिया तो अब सर्टिफिकेट के लिए अलग से पैसे की मांग करना सरासर गलत है। कायदे से तो बोर्ड को परीक्षा फीस वापस करनी चााहिए। बोर्ड के इस फैसले का जीटीयू पुरजोर तरीकों से विरोध करेगी।गवर्नमेंट टीचर यूनियन ने मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी से विद्यार्थियों पर नंबर कार्ड के लिए लगाई गई फीस तुरंत वापस लेने की मांग उठाई है। बोर्ड की ओर से 5वीं, 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों से ऑनलाइन दाखिला अप्लाई करते समय डीएमसी के प्रति विद्यार्थियों से 300 रुपए वसूलना 6 से 14 साल तक के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त और लाजिमी शिक्षा अधिकार कानून की धज्जियां उड़ाना है। पहले की तरह तमाम विद्यार्थियों को पास होने पर िबना फीस लिए नंबर कार्ड जारी किए जाएं। बोर्ड की ओर से पहले ही सारी बोर्ड कक्षाओं की परीक्षा फीस ली जाती है। जिसमें विद्यार्थियों के नंबर कार्ड जारी किए जाते हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई के बाद नंबर कार्ड हासिल करना उपलब्धि है।

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