दबाव या कोताही:प्राइवेट स्कूल के छात्र को अध्यापिका ने सरकारी स्कूल में दाखिल कर लिया, परिजनाें ने जताया रोष

गढ़शंकर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • सरकारी स्कूलों में छात्रों की दाखिला मुहिम की हकीकत

सचिव, शिक्षा विभाग के निर्देश पर सरकारी स्कूलों में छात्राें की संख्या बढ़ाने के लिए अध्यापकों में होड़ है। लिहाजा, कुछ अध्यापक मात्र अपनी कारगुजारी कागजों पर अधिक दिखाने के चक्कर में निजी स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों का दाखिला अपने स्कूल में दिखाने लगे हैं, जबकि वह छात्र निजी स्कूल पढ़ रहा होता है। ऐसा ही मामला सामने आया है गढ़शंकर के सतनौर गांव में, जहां पद्दी सूरा सिंह सीसे स्कूल की एक अध्यापिका ने निजी स्कूल में पढ़ रहे बच्चे का दाखिला अपने स्कूल में कर दिया।

इसकी जानकारी छात्र हर्षदीप की मां कुलवंत कौर को लगी, तो वह हैरान रह गए। पत्रकारों से बात में उन्हाेंने बताया कि उनका बेटा हर्षदीप निजी स्कूल का छात्र है, लेकिन पद्दी सूरा सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल की एक अध्यापिका ने हमारे घर आकर उसका आधार कार्ड लेकर अपने कागजों में हर्षदीप को सरकारी स्कूल का छात्र बना दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी तब प्राप्त हुई जब वह उसके स्कूल में उसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट लेने पहुंचे, तो वहां के टीचर ने बताया कि आपके बेटे का दाखिला सरकारी स्कूल में दिख रहा है, इसलिए आप वहां बात करें।

कुलवंत कौर ने बताया कि इस संबंध में पद्दी सूरा सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वाइस प्रिंसिपल से बात की तो उन्होंने माना कि अध्यापिका की गलती से ऐसा हुआ है। वहीं, कुलवंत कौर ने बताया कि उसका बेटा 7वीं में पढ़ रहा था, लेकिन सरकारी स्कूल वांलों ने बिना परीक्षा लिए उसे 8वीं कक्षा में दाखिल कर लिया, जिस पर सरकारी स्कूलों की शिक्षा के स्तर पर संदेह पैदा होता है। स्कूल प्रिंसिपल डिंपी ने कहा कि ऐसा गलती से हुआ है। इस संबंध में छात्र के माता द्वारा मांगी गई जानकारी दे दी गई है।

खबरें और भी हैं...