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वक्त की सबसे बड़ी जरूरत ऑक्सीजन:50 मीटर के घेरे में फैला था पेड़, शुक्रवार तड़के 3:30 बजे तूफान आने से जड़ों से उखड़ा

होशियारपुर2 महीने पहले
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  • और 400 साल पुराना पीपल नहीं रहा

स्थानीय मिश्रा मोहल्ला में शुक्रवार तड़के साढ़े 3 बजे के करीब 50 मीटर के घेरे में फैला 400 साल पुराना पीपल का पेड़ जड़ों सहित गिर गया। जहां पर पेड़ था, उसके आसपास कई मकान थे। लेकिन सभी का बचाव हो गया। इस पीपल के पेड़ को कपिला गोत्र के जठेरों के रूप में पूजा जाता है। मिश्रा मोहल्ला के गौरव ने बताया कि यह पेड़ उनके परदादा के समय का है। इस पेड़ के नीचे गणेश प्रतिमा स्थापित की हुई थी, जो क्षतिग्रस्त हो गई। पेड़ पर सैकड़ों पक्षियों का बसेरा था।

200 साल पुराना पीपल का पेड़ रोजाना 250 लीटर तक ऑक्सीजन देता है, भरपाई के लिए 25 पौधे लगाने होंगे

200 साल से पुराना पीपल का पेड़ रोजाना करीब 230 से 250 लीटर तक ऑक्सीजन रिलीज करता है जबकि नए पौधे सिर्फ 10 लीटर। इस तरह के पेड़ की भरपाई के लिए कम से कम 25 पौधे लगाने पड़ेंगे तभी इसकी भरपाई हो सकती है। यह ऑक्सीजन 2 व्यस्कों या एक व्यस्क और दो बच्चों के लिए पर्याप्त होता है। एक व्यस्क पेड़ जितनी ऑक्सीजन रिलीज करता है, यदि उसके बदले नए पाैधे लगाए जाते हैं, तो कम से 25 पौधे मिलकर एक पेड़ की कमी पूरी कर पाएंगे।

पीपल एकमात्र पेड़ जो 22 घंटे ऑक्सीजन रिलीज करता है

विशेषज्ञों के अनुसार पीपल ही एकमात्र ऐसा पेड़ है, जो 24 में से 22 घंटे तक ऑक्सीजन रिलीज करता है। जहां यह पेड़ रहता है, इसी वजह से वहां आसपास ऑक्सीजन की कमी नहीं होती। पीपल दिन ही नहीं, बल्कि रात में भी ऑक्सीजन देता है। नीम, बरगद, तुलसी के पेड़ भी पीपल की तरह अधिक मात्रा में ऑक्सीजन देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक नीम, बरगद और तुलसी के पेड़ एक दिन में 20 घंटे से ज्यादा ऑक्सीजन का निर्माण करते हैं।

100 करोड़ की ऑक्सीजन दे गया

एक व्यस्क पेड़ एक साल में 30 लाख रुपए की ऑक्सीजन देता है। इस हिसाब से यह पेड़ उखड़ने से पहले शहरवासियों को करीब 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का ऑक्सीजन दे गया। लोगों का कहना है कि वे इस स्थान पर पीपल का ही पौधा लगाएंगे।

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