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विचार साझा किए:पानी बचाने के लिए झंजोवाल के किसान सतपाल सीधी बिजाई की तकनीक अपना रहे , इस साल 5 एकड़ रकबा कवर किया

होशियारपुर10 दिन पहले
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गांव झंजोवाल के किसान सतपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने पहली बार पिछले वर्ष लेबर की कमी के दौरान सीधी बिजाई तकनीक इस्तेमाल की। कई मुश्किलों का सामना करने के बाद इस तकनीक से संतुष्ट होकर उन्होंने इस बार इस तकनीक के अंतर्गत 5 एकड़ रकबा कवर किया है। अब वे अन्य किसानों को भी पानी की बचत के लिए इस तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र बाहोवाल की ओर से गांव झंजोवाल में धान की सीधी बिजाई संबंधी खेत दिवस आयोजन के दौरान किसानों से अपने अनुभव साझा करते हुए यह बात कही।

कैंप में कृषि विज्ञान केंद्र के डिप्टी डायरेक्टर(ट्रेनिंग) डाॅ. मनिंदर सिंह बौंस ने आए हुए किसानों को पानी के गिरते जल स्तर को बचाने के लिए धान की सीधी बिजाई विधि अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बतायाा कि इस कैंप का मुख्य उद्देश्य किसानों को इस विधि के बारे में जागरूक करना है। डॉ. बौंस ने पानी का कम प्रयोग करने वाली खरीफ फसलों मक्की, मूंगफली, तिल, सोयाबीन, पेठा, अरहर आदि की काश्त व उन्नत किस्मों के बारे

में प्रकाश डाला। केंद्र के सहयोगी प्रोफेसर(फसल विज्ञान) डाॅ. गुरप्रताप सिंह ने सीधी बिजाई तकनीक के फायदों व सीधी बिजाई के माध्यम से धान की सफल काश्त, खादों का प्रयोग व नदीन प्रबंध के बारे में बताया व सीधी बिजाई को बड़े स्तर पर अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर गांव झंजोवाल के सरपंच मनदीप कौर, सतपाल सिंह, गुरनाम सिंह नंबरदार, जगीर सिंह, सतविंदर सिंह, जगदीप सिंह, सोनू, गांव रामपुर से जसविंदर सिंह, दिलबाग सिंह व जोगिंदर पाल व गांव आलमवाल से इंदरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह आदि ने शमूलियत की व अपने संदेहों के बारे में माहिरों से विचार साझा किए।

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