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कड़ी मेहनत से पाया मुकाम:3 हजार कैंडिडेट्स में अकेली सिलेक्ट हुईं एकता, न्यूजीलैंड की पीआर नहीं थी, योग्यता व रिकॉर्ड देखकर अधिकारियों ने दी ज्वाइनिंग की मंजूरी

होशियारपुर19 दिन पहलेलेखक: शिव कुमार बावा
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  • गांव भज्जल की बेटी का न्यूजीलैंड में परचम, शुरू से ही पढ़ाई में रही अव्वल, 2018 में गई थी विदेश
  • अब ऑकलैंड में जेल करेक्शन ऑफिसर बनीं

गांव भज्जल की होनहार लड़की एकता बड़पग्गा (30) ने न्यूजीलैंड के शहर ऑकलैंड में जेल करेक्शन अफसर बनकर न सिर्फ पंजाब बल्कि देश का नाम भी चमका दिया है। एकता ने इसी साल 24 मई को चार्ज संभाला है।

उनके पिता कश्मीर सिंह इस समय गढ़शंकर में कानूनगो हैं जबकि मां कमलेश कौर गृहणी हैं। एकता की बड़ी बहन मोनिका अमेरिका और छोटा भाई नितिन ऑस्ट्रेलिया में सेटल है। एकता की इस कामयबी पर गांव में घर लड्डू बांटे गए।

पूरे पंजाब में भज्जल एक ऐसा गांव बन गया है कि जहां की कोई लड़की विदेश में पीआर न होने के बावजूूद अपनी मेहनत के दम पर बड़ी अफसर बनी हैं। 6 फीट कद वाली एकता को पढ़ाई के साथ खेलों का भी शौक है। स्कूल समय में वह मैदान में 2-2 घंटे कसरत करती थी।

खेतीबाड़ी में भी वह परिवार का पूरा साथ देती। ट्रैक्टर, कार और स्कूटर एकता ने गांव रहते हुए 10 वीं की पढ़ाई करते ही सीख लिए थे। उसके पारिवारिक मेंबर व टीचर जसपाल सिंह बताते हैं कि एकता मजबूत इरादों वाली लड़की है, जिसने अपने दम पर अपने सभी सपनों को पूरा किया है।

नियमों के तहत जेल करेक्शन अफसर बनने के लिए वहां की पीआर जरूरी थी

पिता कश्मीर सिंह ने बताया कि एकता ने एमए हिस्ट्री, एमबीए और कप्यूटर एप्लीकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया और 2018 में न्यूजीलैंड चली गई। वहां उसने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बिजनेस किया। इसके बाद जेल करेक्शन अफसर की पोस्ट के लिए टेस्ट दिया। वह अकेली लड़की थी जो 3000 कैंडिडेट में से अकेली सलेक्ट हुई।

एकता के पास न्यूजीलैंड की पीआर नहीं थी, जिसके चलते वह उक्त अफसर का पद और टेस्ट नियमों के तहत संभाल नहीं सकती थी। लेकिन उसकी काबिलियत को देखते हुए वहां के विभाग के सीनियर अधिकारियों ने उसको इसकी मंजूरी दे दी। न्यूजीलैंड के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसी गैर स्थाई आवास प्राप्त को ऐसा मौका दिया गया है।

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