विश्व रैबीज-डे:कुत्ते के काटने पर लापरवाही न करें, जख्म को बहते पानी में साबुन से धोकर एंटी रैबीज टीका जरूर लगवाएं

कादियां2 महीने पहले
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  • कम्युनिटी हेल्थ सेंटर भाम में विश्व रैबीज-डे पर जागरुकता लेक्चर दिया, माहिर बोले-

कम्युनिटी हेल्थ सेंटर भाम के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. परमिंदर सिंह के नेतृत्व में विश्व रैबीज-डे पर जागरुकता लेक्चर दिया गया। कोविड-19 से बचाव और हल्काह जैसी बीमारियों संबंधी जानकारी देते हुए बीईई सुरिंदर कौर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी चाहिए बल्कि सरकारी अस्पताल में इसके फ्री इलाज की सुविधा का लाभ लेकर इलाज करवाना चाहिए।

रैबीज के लक्षण हैं रोशनी, आवाज व पानी से डर लगना, दंदलें पड़नी, बेहोश हो जाना। कई बार लापरवाही से मरीज की मौत भी हो सकती है। हेल्थ इंस्पेक्टर हरपिंदर सिंह ने सही इलाज करवाने पर जोर दिया और कहा कि देसी टोटके वाला इलाज कुत्ते/जानवर द्वारा काटे हुए जख्म पर मिर्च या सुरमा नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से जख्म घातक हो सकता है। फर्स्ट ऐड के तौर पर जख्म को बहते पानी या नल के नीचे 15 मिनट तक धोने से इस बीमारी का रिस्क काफी कम हो जाता है। इसके तुरंत बाद नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टरी सलाह पर कुत्ते/जांनवर के काटने पर बचाव के लिए एंटी रैबीज के टीके लगवाने बहुत जरूरी है। इससे रैबीज बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। इस मौके पर हेल्थ इंस्पेक्टर हरपिंदर सिंह, मनिंदर सिंह, सुच्चा सिंह, कुलदीप सिंह, कुलजीत सिंह हेल्थ इंस्पेक्टर, कुलदीप कुमार, अमरिंदर सिंह, सरबजीत सिंह, परमजीत सिंह, जतिंदरपाल सिंह व अन्य मौजूद रहे।

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