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छठे पे-कमीशन के विरोध में हड़ताल पर रहे डॉक्टर:सिविल में रोजाना हो रहे 800 टेस्ट नहीं हो पाए, इमरजेंसी में 3 दिन में 36 ऑपरेशन हुए, अभी डॉक्टर 3 दिन और हड़ताल पर

कपूरथला19 दिन पहले
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ओपीडी के बाहर डॉक्टरों का इंतजार करते मरीज। - Dainik Bhaskar
ओपीडी के बाहर डॉक्टरों का इंतजार करते मरीज।

पंजाब सरकार की ओर से 6वें पे-कमीशन की ओर से एनपीए को बेसिक पे से डी लिंक करने के मुद्दे को लेकर स्टेट बॉडी के आह्वान व पीसीएमएस, एसडीए व ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आदेश पर मेडिकल अधिकारियों ने रोष प्रदर्शन कर स्वास्थ्य विभाग और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पूरा दिन कमलछोड़ हड़ताल की गई।

इस दौरान सिविल में इलाज करवाने के लिए आए मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं कई मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। वहीं एसडीए के सीनियर नेता डॉ. अमनदीप सिंह सोही ने कहा कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया है।

इस कारण आगामी तीन दिन वीरवार, शुक्रवार और शनिवार को भी डॉक्टर्स हडताल पर रहेंगे। डॉ. जसविंदर शर्मा और एसएमओ डॉ. संदीव धवन ने बताया कि आम दिनों में 12-13 ऑपरेशन होते हैं। रोजाना 800 टेस्ट होते हैं। हड़ताल के कारण इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की बात करें तो रोजाना 12-13 छोटे ऑपरेशन हो रहे हैं।

हड़ताल पर चले जाने के कारण दूर-दराज क्षेत्र से इलाज करवाने आए मरीजाें को ओपीडी में डॉक्टरों के न बैठने के कारण दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। कई मरीज ओपीडी के आगे कुर्सियों में बैठे डॉक्टर्स का इंतजार करते देखे गए।
अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की दी चेतावनी

अस्पताल से करीब 15-20 किलोमीटर दूर से आए मरीज निर्मला देवी, उपासना, सत्या, निरवैल सिंह, भूपिंद्र सिंह, मुनी राम, तरलोक चंद ने बताया कि बड़ी मुश्किल से वह किराया इकट्ठा करके अस्पताल तक पहुंचे, जब पता चला कि डॉक्टर्स हड़ताल पर है तो वह बिना इलाज करवाए ही घरों को लौटने को मजबूर हो गए।

एसडीए के सीनियर नेता सर्जन डा. अमनदीप सिंह सोही ने कहा कि यदि सरकार तक उनकी आवाज न पहुंची तो अनिश्चितकालीन हडताल शुरू कर देंगे, जिसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग व पंजाब सरकार की होगी। डॉक्टरों ने फैसला लिया है कि इमरजेंसी सेवाएं व इमरजैंसी मिन्नी ओटी सेवाएं जारी रखी जाएंगी।

रोजाना 25 हजार रुपए का रेवेन्यू 80% कम हुआ

पिछले तीन दिन से शुरू हुई हड़ताल के कारण सिविल अस्पताल के रेवेन्यू पर भारी असर पड़ा है। आंकड़ों की बात की जाए तो सिविल में प्रतिदिन 550 से 600 ओपीडी आती है। इनमें जरूरी टेस्टों और जरूरी दस्तावेजांे की फीस ली जाती है। इससे करीब 20 से 25 हजार रुपए का रेवेन्यू होता है। हड़ताल के कारण अब 80 प्रतिशत तक कम हो गया है।

बुधवार की बात करें तो मात्र 100 मरीजांे ने रजिस्ट्रेशन करवाई। इस अवसर पर एसएमओ डा. संदीप धवन, डा. मनिंदर कौर, डा. हरप्रीत मोमी, डा. प्रेम कुमार, ईएनटी विशेषज्ञ डा. अमनजोत कौर सोही, डा. गुरदेव सिंह भट्‌टी, डा. जसविंदरपाल, डा. नरिंद्र सिंह, डा. संदीप भोला, डा. पारितोष गर्ग, गायनी विशेषज्ञ डा. सिम्मी धवन, के अलावा अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत डाक्टर भी शामिल हुए।

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