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निशुल्क शिक्षा:डॉ. बीआर अंबेडकर सोसायटी ने खोले 4 निशुल्क ट्यूशन सेंटर, 10 साल में 1200 बच्चों को दी कोचिंग, 65 विद्यार्थियों का करवाया स्कूल में दाखिला

कपूरथला14 दिन पहलेलेखक: रजनीश चौधरी
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डॉ. बीआर अंबेडकर सोसायटी की ओर से खोला गया ट्यूशन सेंटर। - Dainik Bhaskar
डॉ. बीआर अंबेडकर सोसायटी की ओर से खोला गया ट्यूशन सेंटर।

जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के साथ जोड़कर डॉ. बीआर अंबेडकर सोसायटी रेल कोच फैक्टरी शिक्षक होने का कर्तव्य अदा कर रही है। सोसायटी की ओर से संविधान के निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर की विचारधारा ‘पढ़ो लिखों संघर्ष करो’ के तहत शिक्षा का ज्ञान बांटा जा रहा है। छोटी-छोटी कोशिशों से बच्चों की पढ़ाई के लिए आसपास के क्षेत्रों में 4 निशुल्क ट्यूशन सेंटर खोले गए हैं। जहां बच्चे शाम के समय 2 घंटे ट्यूशन लेते हैं। इनमें वह बच्चे भी शामिल हैं, जिन्होंने कभी स्कूल का प्रवेश द्वार नहीं देखा। सोसायटी सदस्यों की ओर से ऐसे बच्चों में पहले पढ़ाई का जज्बा पैदा किया जाता है।

प्रधान क्रिशन लाल जस्सल और महासचिव धर्मपाल पैंथर ने इन चारों निशुल्क ट्यूशन सेंटर्स में लगभग 104 के करीब बच्चे पढ़ने आते है। सोसायटी करीब 10 सालों में 1200 बच्चों को मुफ्त ट्यूशन पढ़ा चुकी है। जो बच्चे जरूरतमंद होते हैं, उनकी सोसायटी की ओर से स्कूल में दाखिला भी करवाकर फीस का खर्च भी सोसायटी उठाती है। अब तक 65 के करीब जरूरतमंद बच्चों का दाखिला करवाया जा चुका है। वहीं, नर्सिंग का कोर्स करने वाले जरूरतमंद छात्राओं की मदद की जा चुकी है।

छात्राओं की नर्सिंग के कोर्स में कराई एडमिशन, नशे के लिए बदनाम गांव लाटियावाल में खोला ट्यूशन सेंटर

डॉ. बीआर अंबेडकर सोसायटी की ओर से रेल कोच फैक्टरी के आसपास 4 ट्यूशन सेंटर खोले गए हैं। इनमें हुसैनपुर, भुलाणा, नानो मल्लियां और गांव लाटियावाल है। सुल्तानपुर लोधी के अंतर्गत आने वाला गांव लाटियावाल, जो नशे के लिए सबसे बदनाम गांव माना जाता है। जहां बच्चे स्कूल जाने पर कन्नी कतराते रहते है। डॉ. बीआर अंबेडकर सोसायटी के महासचिव धर्मपाल पैंथर ने जब इन बच्चों की हालत देखी तो बच्चों को नशे से दूर रखने और इसके दुष्प्रभाव के बारे में सेमिनार लगाया। शाम के समय 30 बच्चे पढ़ने के लिए पहुंच गए।

सोसायटी की ओर से बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षक नियुक्त किया। इसका वेतन सोसायटी देती है। सोसायटी के प्रधान क्रिशन लाल जस्सल का मानना है कि सोसायटी की अरो से जरूरतमंद बच्चों के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। सोसायटी का गठन बाबा साहिब के विचारों को आगे लेकर जाने के लिए किया गया है। उनका साथ देने वाले उनके साथी सीनियर उपप्रधान संतोख सिंह जनाखल, कैशियर गुरदयाल सिंह जस्सल, उप प्रधान निर्मल सिंह, प्रचार सचिव निरवैर सिंह, पूर्ण सिंह, धर्मवीर सिंह, प्रमोद सिंह, पूर्ण चंद बोध, कश्मीर सिंह आदि उनका साथ दे रहे है।

बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ आपस में सांझ बनाए रखने के लिए भी सोसायटी की ओर से प्रेरित किया जाता है। सोसायटी सदस्य या फिर घर में किसी का जन्मदिन हो तो वह ट्यूशन सेंटर में पढ़ने वाले बच्चों के साथ मनाया जाता है, जिससे बच्चों को आपसी प्यार और सांझ बनी रहे। इस मौके पर बच्चों को स्टेशनरी, कॉपियां, किताबें आदि दी जाती है।

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