पंजाब में राणा गुरजीत का सिद्धू पर बड़ा हमला:बोले- उनका ‘पंजाब मॉडल’ फेल, अब खुद चुनाव जीत लें या अपने चेले चीमा को जितवा लें

कपूरथला7 महीने पहलेलेखक: सुनील राणा

पंजाब में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सियासी पारा उफान पर है। कांग्रेस हाईकमान ने सूबे में चुनाव की कमान एक नेता के हाथ में न देकर नवजोत सिद्धू, सुनील जाखड़ और चरणजीत सिंह चन्नी की सामूहिक अगुआई को दी है। इनमें से सिद्धू अपने ‘पंजाब मॉडल’ की बात कर ड्राइविंग सीट पर बैठने की फिराक में है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता और सरकार में कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत ने ही सिद्धू के ‘पंजाब मॉडल’ पर सवाल उठा दिए हैं। राणा का कहना है कि सिद्धू जिसका जिक्र कर रहे हैं, वह ‘पंजाब मॉडल’ है ही नहीं। कुछ भी दिखाकर उसे पंजाब मॉडल कह देना सही नहीं है।

कपूरथला विधानसभा हलके से पार्टी उम्मीदवार राणा गुरजीत और सिद्धू के बीच 36 का आंकड़ा छिपा नहीं है। राणा ने न सिर्फ बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह को सुल्तानपुर लोधी सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी के सामने निर्दलीय उतारा है, बल्कि खुलकर उसके लिए प्रचार भी कर रहे हैं। सुल्तानपुर लोधी सीट पर राणा इंदर प्रताप सिंह का मुकाबला नवजोत सिद्धू के करीबी और पिछली बार के विधायक नवतेज चीमा से हैं।

दोआबा एरिया के 4 विधायकों के साथ-साथ सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र के 200 से ज्यादा कांग्रेसी सरपंच पार्टी की सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी से राणा गुरजीत की शिकायत कर चुके हैं। शिकायत के बावजूद राणा अपने स्टैंड से पीछे नहीं हट रहे। उन्होंने दो टूक कहा है कि चुनाव में सिद्धू और उनके करीबी नवतेज चीमा में से एक ही जीतेगा। सुल्तानपुर लोधी से अपने बेटे की जीत को लेकर कॉन्फिडेंट राणा का दावा है कि अगर सिद्धू अपने करीबी चीमा को जितवाना चाहते हैं तो उन्हें 15 दिन अपनी अमृतसर ईस्ट सीट छोड़कर सुल्तानपुर लोधी में बैठना पड़ेगा।

इन्हीं सब राजनीतिक सरगर्मियों के बीच दैनिक भास्कर डिजिटल के वरिष्ठ साथी सुनील राणा ने राणा गुरजीत सिंह से अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत की।

  • पढ़िए राणा गुरजीत से बातचीत के मुख्य अंश :

भास्कर : इस चुनाव में कांग्रेस को आप कहां देखते हैं?

राणा : पंजाब में कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को लोग पसंद करते हैं। उन्होंने 111 दिन के कार्यकाल में ऐतिहासिक फैसले लिए, इससे आमजन खुश हैं। पिछले 3 महीने में जो बहुत काम हुए हैं, उनका कांग्रेस को फायदा मिलेगा। पंजाब में कांग्रेस सरकार रिपीट होगी और सौ प्रतिशत होगी।

भास्कर : आपका बेटा सुल्तानपुर लोधी सीट से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ रहा है। यदि वह जीतता है तो क्या कांग्रेस में शामिल होगा?

राणा : वह जीतेगा ही और कांग्रेस में ही रहेगा।

भास्कर : सुल्तानपुर लोधी के कांग्रेस कैंडिडेट नवतेज चीमा ने आपकी शिकायत आलाकमान से की है। वहां के 200 सरपंचों ने भी शिकायत की है। दोआबा के 4 विधायक भी सोनिया गांधी को चिट्ठी लिख चुके हैं। क्या आपको हाईकमान से कोई नोटिस आया?

राणा : (सीधा जवाब न देते हुए) देखो, ऐसा है कि कुछ शिकायती टट्टू होते हैं। उनका काम होता है शिकायतें करना। राणा गुरजीत सिंह कभी किसी की शिकायत नहीं करता। काम करता है और सीट जीतकर कांग्रेस की झोली में डालता है।

भास्कर : राहुल गांधी की जालंधर रैली में चन्नी और सिद्धू ने विधानसभा चुनाव में CM फेस घोषित करने की मांग की। क्या ये मांग ठीक है?

राणा : मैं राहुल गांधी नहीं हूं। न ही मैं पार्टी का प्रधान हूं। मैं एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं पार्टी का। मैं तो ऊंची आवाज में कहता हूं कि सीएम चेहरा ही नहीं बल्कि सीएम ही चरणजीत सिंह चन्नी होना चाहिए।

भास्कर : सिद्धू ने पंजाब की हालात सुधारने का जो ‘पंजाब मॉडल’ पेश किया है, उस पर आपका क्या कहना है?

राणा : वो ‘मॉडल’ है ही नहीं। यह कोई फिल्मी ‘मॉडल’ थोड़े ही है। जो मर्जी दिखाकर उसे ‘मॉडल’ बता दें। स्टेट की हालत सुधारना एक इकोनॉमिक्स है और आपको इकोनॉमिक्स पर ही चलना पड़ेगा। सबकी राय लेनी पड़ेगी।

भास्कर : तो क्या सिद्धू ने अपनी मर्जी से ‘पंजाब मॉडल’ बना दिया?

राणा : यह तो आप सिद्धू से ही पूछिए।

भास्कर : सिद्धू पर उनकी बहन ने मां के बारे में झूठ बोलने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस पार्टी एक परिवार की तरह है और महिला सशक्तीकरण की बात करती है। यदि आरोप सच्चे निकलते हैं तो क्या सिद्धू को प्रधान पद से इस्तीफा दे देना चाहिए?

राणा : देखिए, यह उनका पारिवारिक मसला है। मैं इतना ही कह सकता हूं कि मैं अपनी मां को बहुत प्रेम करता हूं। कोई भी जाकर पता कर सकता है कि राणा अपनी मां का कितना सत्कार करता है। इतना ही कहूंगा कि अगर इन आरोपों में सच्चाई होगी तो वह चैन से सो नहीं पाते होंगे।

भास्कर : आपने कांग्रेस नेता और भुलत्थ सीट से पार्टी कैंडिडेट सुखपाल खैहरा की टिकट काटने की मांग की है। जवाब में खैहरा ने भी आप पर कई संगीन आरोप लगाए। आपका क्या कहना है?

राणा : सुखजिंदर सिंह खैहरा सुखपाल खैहरा के पिता थे। उन्होंने ही कपूरथला में खालिस्तान का झंडा फहराया, इसकी वजह से बाद में पूरे पंजाब में 25 हजार नौजवान मारे गए। अब खैहरा पर संगीन आरोप हैं। कोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं और कोर्ट जो करे, वो ठीक है। अब मैदान में आए हैं लड़ने के लिए। यदि वो मेरे खिलाफ मुंह खोलेंगे तो मुझसे भी खरी-खरी सुनेंगे। बराबर जवाब दूंगा। हालांकि अभी मैं कुछ नहीं कहना चाहता।

भास्कर : आपने कहा कि सुखपाल खैहरा ने नशे से पैसा कमाया है। वह दागी हैं इसलिए उन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। इस पर क्या कहेंगे?

राणा : कोई बात नहीं। इस बार मिल गया है तो अगली बार नहीं मिलेगा। इसमें क्या परेशानी है।

भास्कर : अमृतसर ईस्ट सीट पर नवजोत सिद्धू के सामने अकाली दल ने बिक्रम मजीठिया को उतारा है। आप कैसे देखते हैं इसे?

राणा : मैं कांग्रेसी हूं। सिद्धू की पोजीशन अच्छी हो बुरी, मुझे तो कांग्रेस की बात करनी है।

भास्कर : मतलब आप चाहते हैं कि सिद्धू चुनाव जीतें?

राणा : सिद्धू मेरे कहने से नहीं जीतेंगे और मैं सिद्धू के कहने से नहीं जीतूंगा। सबके अपने-अपने कर्म हैं।

भास्कर : आपने नवतेज चीमा के खिलाफ पूरा मोर्चा खोल रखा है?

राणा : अरे, नवतेज चीमा को जिताने के लिए सिद्धू को सुल्तानपुर लोधी में 15 दिन लगाने पड़ेंगे। यदि सिद्धू 15 दिन यहां लगाएंगे तो अपनी सीट पर कितने दिन लगाएंगे? सिद्धू अमृतसर ईस्ट या सुल्तानपुर में से एक पर ही जीतेंगे। अब फैसला उन्हें खुद करना है।

भास्कर : चुनाव बाद कांग्रेस फिर से सत्ता में आएगी?

राणा : 100% कांग्रेस की ही सरकार आएगी। कांग्रेस के कैंडिडेट बहुत मजबूत हैं और वोट डिवीजन में भी कांग्रेस बहुत आगे है।

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