पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अस्पताल में रूटीन का काम बंद:फगवाड़ा में एनएचएम कर्मचारी 4 दिन से धरने पर बैठे, वैक्सीनेशन और सैंपलिंग का काम प्रभावित

फगवाड़ाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • एसएमओ बोले-अस्पताल में रूटीन का काम बंद है, स्टाफ नर्सें सैंपल ले रहीं

रेगुलर करने की मांग को अनदेखा किए जाने के रोष में एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) कर्मचारी पिछले 4 दिन से अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठे हुए हैं। शुक्रवार को भी सेवाएं बंद रखीं। फगवाड़ा के सिविल अस्पताल परिसर में एनएचएम कर्मचारियों की ओर से दिए गए धरने से वैक्सीनेशन और सैंपलिग का काम प्रभावित हाे रहा है। इसके अलावा कार्यालय से संबंधित काम करवाने आए लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कहा-पक्के न करने तक जारी रहेगा धरना

एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि पिछले 20 से 25 सालों से ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे हैं। अभी तक सरकार ने उन्हें रेगुलर करने पर कोई ध्यान नहीं दिया। उनके कई साथी ठेकेदारी प्रथा के तहत ही रिटायर भी हो गए। उनसे बहुत कम वेतन पर रेगुलर स्टाफ से ज्यादा कार्य लिया जा रहा है। एनएचएम कर्मी पिछले साल और इस बार भी कोरोना में फ्रंटलाइन पर काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं एनएचएम कर्मचारियों की कोरोना के चलते निधन हुआ है।

कर्मचारियों ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि जब तक उन्हें रेगुलर न किया तब तक राेजाना अस्पताल परिसर में धरना दिया जाएगा। इस संबंधी एसएमओ डॉ. कमल किशाेर ने कहा कि अभी अस्पताल का रुटीन काम बंद किया हुआ है। स्टाफ नर्साें से सैंपलिंग और वैक्सीनेशन का काम लिया जा रहा है। इसके अलावा वे कुछ नहीं कहना चाहते।

रेगुलर करने के लिए एनएचएम कर्मियों ने सिविल में लगाया धरना

कपूरथला| एनएचएम कर्मचारियों ने रैगुलर करने की मांग को लेकर हड़ताल को जारी रखते हुए इमरजेंसी सेवाओं का पूरी तरह से बायकाट करते हुए सिविल अस्पताल में धरना दिया। सरकार की ओर से समझौते के प्रस्ताव को लेकर जारी किए गए आदेश की कॉपियां जलाईं। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों का 15 प्रतिशत वार्षिक बढ़ौतरी और 50 प्रतिशत आरक्षण कोर्टे को दिया गया है, जिससे कर्मचारी सहमत नहीं है।

उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों को रेगुलर करते हुए तुरंत नोटिफिकेशन जारी किया जाए। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण इमरजेंसी सेवाओं, कोविड सैंपलिंग और वैक्सीनेशन के काम को लेकर आम जनता और विभाग के अधिकारियों व स्टाॅफ को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस अवसर पर रमिंदर कौर, हरविंदर कौर, कुलजीत कौर, राजविंदर कौर, पलविंदर कौर आदि उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...