अन्न में पानी / गेहूं खुर्द-बुर्द की शिकायत पर मार्कफेड के गोदाम में रेड, आरोप-गेहूं निकाल बोरियों में डालते थे पानी

On the complaint of Wheat Khurd - Red in the warehouse of Markfed, allegations - Wheat was removed and water was put in sacks
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On the complaint of Wheat Khurd - Red in the warehouse of Markfed, allegations - Wheat was removed and water was put in sacks

  • मार्कफेड चंडीगढ़ के एमडी को दी शिकायत, जांच अधिकारी ने कहा-तिरपाल के स्टाक में हेराफेरी की आशंका
  • टीम ने सुबह से शाम तक गोदाम में गेहूं के रैक की जांच की

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 05:47 AM IST

कपूरथला. मंगलवार को नई दाना मंडी के पास मार्कफैड के गोदामों के भीतर पड़ी करोड़ों रुपए की गेहूं को खुर्दबुर्द करने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा मार्कफेड गोदाम में काम करने वाले कुछ कर्मियों ने एमडी मार्कफेड चंडीगढ़ को लिखित शिकायत भेजकर किया। उन्होंने बताया कि गोदाम में पड़ी गेहूं की बोरियों से गेहूं खुर्दबुर्द की जाती है।

बाद में बोरियों पर पानी डालकर उनका वजन पूरा किया जाता है। वहीं, सरकारी गेहूं को ढकने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली तिरपालों का हेर-फेर किया जाता है। शिकायत मिलने के बाद चंडीगढ़ से फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने कपूरथला पहुंचकर गोदामों में दस्तक देकर जांच शुरू कर दी है।

जांच अधिकारी ने फिलहाल अभी मीडिया को कुछ भी बताने से इंकार कर दिया है। उन्होंने इतना ही बताया है कि गेहूं की ढकने वाली तिरपालों में कुछ कमियां मिली हैं। गौरतलब है कि नई दाना मंडी के पास मार्कफेड के गोदामों में काम करने वाले कर्मियों ने मार्कफेड चंडीगढ़ के एमडी को लिखित शिकायत में बताया कि सरकारी गोदामों में पड़े गेहूं को कुछ अधिकारी  खुर्दबुर्द करने के बाद गेहूं की बोरियों पर पानी डालकर उसका वजन बढ़ा देते हैं। यह सारा काम उच्चाधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। काफी समय से ऐसे चल रहा है। उन्होंने कई बार अधिकारियों को भी इस संबंधी जानकारी भी दी।

हर साल गोदामों से करोड़ों का गेहूं घोटाला

विभाग की ओर से सरकारी गेहूं को ढकने के लिए दी गई लाखों रुपयों की तिरपालों की काट-छांटकर हेराफेरी की जा रही है। शिकायत मिलते ही चंडीगढ़ मार्कफैड के एमडी ने तुरंत एक्शन लेते हुए टीम तैयार की गई।  चंडीगढ़ अकाउंट विभाग के सीनियर अधिकारी जगदेव सिंह की देखरेख में फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने कपूरथला में दस्तक दी। टीम ने  गोदाम के भीतर लगी गेहूं की रैक की जांच शुरू कर दी है। टीम सुबह से शाम तक गोदाम के अंदर ही रही। टीम अधिकारी जगदेव सिंह ने मीडिया को कुछ भी जानकारी देने से इंकार कर दिया है।

बस इतना ही कहा है कि गेहूं को ढकने वाली तिरपालों के स्टॉक में हेराफेरी करने की बात सामने आई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सरकारी गेहूं के गोदामों में करोड़ों रुपए के गेहूं का घोटाला हर साल किया जाता है। गेहूं की बोरियों में बंबू मार कर गेहंू निकाल ली जाती है। उसका वजन पूरा करने के  लिए बोरियों पर पानी डाला जाता है।  जांच टीम के अधिकारी जगदेव सिंह ने सिर्फ इतना ही बताया है की एक शिकायत मिलने के बाद वह गोदामों की जांच के लिए आए हुए हैं। अभी सिर्फ गेहूं को ढकने वाली तिरपालों के स्टाक में  हेराफेरी सामने आने की संभावना है। जिस तरह से तिरपालों की हालत  देखकर लग रहा कि दाल में कुछ काला है। 

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