कमर कस ली:पंजाब-चंडीगढ़ पैरेंट्स एसो. एक मंच पर आईं, कहा- चुनाव में सियासी दलों का खेल बिगाड़ेंगे पैरेंट्स, विरोध के साथ करेंगे बायकॉट

कपूरथलाएक महीने पहले
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  • किसान मजदूर संघर्ष कमेटी का भी पेरेंट्स एसोसिएशन को पूरा साथ मिला

पंजाब-चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनधियों ने कपूरथला प्रेस क्लब में एकत्रित होकर निजी स्कूलों पर नकेल कसने के लिए कमर कस ली है। विधानसभा 2022 में एसोसिएशन की ओर से शहर, गांव व वार्ड स्तर पर वोट मांगने आने वाले राजनीतिकों से निजी स्कूलों की ओर से की जा रही लूट-खसूट बंद करने का मुद्दा चुनाव मैनिफेस्टों में शामिल करने का सवाल किया जाएगा। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी का भी पेरेंट्स एसोसिएशन को पूरा साथ मिला है। उन्होंने मंच से उसी सियासी दल को वोट देने की घोषणा की हैं, जो निजी स्कूलों की मनमानियों पर पाबंदी लगाएगा अन्यथा वह न किसी सियासी दल का हिस्सा बनेंगे और न ही उनका समर्थन करेंगे।

एसोसिएशन ने प्रदेश के निजी स्कूलों की मनमानियों से सताए 70 लाख बच्चों के अभिभावकों को एकजुट कर लूट खसूट के खिलाफ खाका तैयार किया। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के 1.40 करोड़ माता-पिता तक अप्रोच करके किसी भी सियासी दल को वोट न डालने के लिए एकजुट करेंगे। जिला मंडी गोबिंदगढ़ से आए राजीव सिंगला, पेरेंट्स एसोसिएशन फगवाड़ा से राकेश कुमार प्रधान, अंकुर गाबा, सुमन पाल सिंह, चंडीगढ़ से हृदय पाल सिंह, रणजीत सिंह नागरा, कपूरथला से विशाल बहल प्रधान, लुधियाना से राजिंदर घई, किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब से गुरदीप सिंह भंडाल, एडवोकेट कर्मवीर सिंह, लखविंदर सिंह, मनिंदर सिंह सिद्धू, हरविंदर सिंह जोन प्रधान ने कहा कि यूनियन की ओर से सीएम से लेकर डीसी तक वह इस मामले में पहुंच कर चुके हैं। एसोसिएशनों ने प्रतिनिधियों ने कहा कि वह निजी स्कूलों की मनमानियों को चुनावी मुद्दा बनाएंगे। वोट मांगने आने वाले हर नेता से सवाल करेंगे। उन्होंने एलान किया कि वह सड़कों पर उतर कर सियासी दलों को न केवल घेरेंगे, बल्कि उनका विरोध के साथ-साथ बायकाट भी करेंगे।

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