युद्ध का एलान:राम का प्रस्ताव ठुकरा रावण ने किया युद्ध का एलान, लक्ष्मण मुर्छा का मंचन

कपूरथला2 महीने पहले
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  • शालीमार बाग में मंचित नाटक का उद्घाटन कमलजोत सिंह बतरा ने किया

यह छोकरा तो काबू नहीं आ रहा, इसपर ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करना होगा। यह उद्गार श्री प्रताप धर्म प्रचारणी रामलीला दशहरा कमेटी की अरो से शाम को देवी तालाब और रात को शालीमार बाग में मंचित लक्ष्मण मुर्छा के मंचन के दौरान कहे। शालीमार बाग में मंचित नाटक का उद्घाटन कमलजोत सिंह बतरा ने किया। इससे पहले श्रीराम युद्ध से पहले एक बार अंगद को अपना शांतिदूत बनाकर लंकापति रावण के पास भेजते है और माता सीता को उन्हें लौटाने का अवसर देते हैं, जिससे युद्ध को टाला जा सके।

अभिमानी रावण प्रभु राम के इस प्र्रस्ताव को अस्वीकार कर देता है और युद्ध का एलान कर देता है। दोनों तरफ से भयंकर युद्ध होता है, रावण सेना की अगुवाई उसका पराक्रमी पुत्र मेघनाद करता है और राम सेना की बागडोर लक्ष्मन सभांलता है। मेघनाद कपट से ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर लक्ष्मन को मूर्छित कर देता है। बाद में सुषेन वैद्य के कहने से बजरंगवली कालनेमि राक्षस का वध कर संजीवनी बूटी लेकर आता है और लखन पुन: होश में आ जाते हैं और श्रोतागन जयश्री राम और जय बजरंगबली के जयकारों से माहौल को धार्मिक रंग में रंग देते हैं। इस अवसर पर सभा के अध्यक्ष विनोद कालिया, कृष्ण लाल सराफ, कमलजीत सिंह, विशंबर दास, रजिंदर वर्मा, सतीश शर्मा, सुरिंदर शर्मा, राजेश सूरी, दविंदर कालिया, मंगल सिंह, एडवोकेट पवन कालिया, गुलशन लुंबा, अश्वनी सूद, हरवंत सिंह भंडारी, देश बेरी, त्रिलोचन सिंह धिंजन, अशोक बब्बल, जसविंदर सिंह, भूपिंदर सिंह, बलजिंदर सिंह, बावा पंडित, किशन दत्त शर्मा, रघु शर्मा, धर्मपाल आदि उपस्थित थे।

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