लिफ्टिंग धीमी:बारिश होने के आसार, कीरतपुर साहिब की मंडी में खुले में पड़े गेहूं के 1 लाख कट्टे

कीरतपुर साहिब6 महीने पहले
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  • किसानों के लिए मंडी में फसल गिराने की जगह नहीं बची, लेखाकार ने विभाग को भेजी रिपोर्ट

अनाज मंडी कीरतपुर साहिब में गेहूं की लिफ्टिंग न होने के मंडी में हर तरफ गेहूं की बोरियों के अंबार लगे हुए हैं और किसानों द्वारा मंडी में लाई गई फसल गिराने के लिए भी जगह नहीं बची है। फसल मंडी में ढेरी करने के लिए किसानों को कई घंटों तक गेहूं से भरी ट्रॉलियां लाइन में लगानी पड़ रही है। किसानों ने बताया कि वह दिन और रात मंडी में जागकर काटने के लिए मजबूर हैं। वहीं, 1 मई को जिले में हल्की बारिश का अनुमान भी खेतीबाड़ी विभाग की ओर से बताया जा रहा है। ऐसे में मंडी में खुले में पड़ी फसल खराब हो सकती है।

मार्केट कमेटी आनंदपुर साहिब के लेखाकार ने खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदी गई फसल की बोरियों की लिफ्टिंग न होने के कारण एक रिपोर्ट बनाकर विभाग को भेजी है, जिसमें बताया है कि मंडी में गेहूं की लिफ्टिंग न होने के कारण किसानों द्वारा लाई गई फसल गिराने के लिए जगह की कमी हो रही है। लेखाकार वरयाम सिंह घट्टीवाल ने बताया कि 28 अप्रैल तक अनाज मंडी कीरतपुर साहिब में 107053 कट्टे (53526.50 क्विंटल) गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से केवल 48848 कट्टे (24424 क्विंटल) गेहूं की लिफ्टिंग हुई है। अनाज मंडी किरतपुर साहिब में मार्कफेड के 32882 एवं एफसीआई के ही 25323 कट्टे लिफ्टिंग के इंतजार में पड़े हुए हैं जिसके चलते किसानों को मंडी में फसल गिराने में काफी समस्या पेश आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अनाज मंडी में से आढ़ती अपनी लेबर के द्वारा गेहूं की बोरियां ट्रकों में लोड करवा देते हैं। इसके बाद लोडिंग अनलोडिंग का टेंडर लेने वाले ठेकेदार की लेबर द्वारा ही बोरियां गोदाम में उतारी जाती है लेकिन ठेकेदार के पास लेबर की कमी है, जिसके चलते ट्रांसपोर्ट भी परेशान हैं।

जल्दी करवाई जाएगी पूरी लिफ्टिंग : इंस्पेक्टर

इस संबंध में जब खरीद एजेंसी एफसीआई के इंस्पेक्टर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके द्वारा अब तक अनाज मंडी कीरतपुर साहिब से 50371 कट्टे की खरीद की गई है, जिसमें से 27548 कट्टे की लिफ्टिंग की जा चुकी है। बाकी बचते माल को भी जल्दी उठवा लिया जाएगा। वहीं, मार्कफेड के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लेबर कम आई है और एफसीआई का सारा माल स्पेशल के जरिए उठाया जाता है, जिसके चलते सारी लेबर उधर भेज दी जाती है। कहा कि आने वाले दो-चार दिन में गेहूं की लिफ्टिंग करवा दी जाएगी।

लेबर की कमी के कारण समस्या : डीएम

वहीं, मार्कफेड रूपनगर की डीएम नविता ने कहा कि एफसीआई की स्पेशल लगने के कारण सारी लेबर उस तरफ चली जाती है जिसके चलते ट्रकों में से गेहूं की बोरियां उतारकर गोदाम में रखने के लिए लेबर की कमी है। उन्होंने आढ़तियों से अपील की कि अपनी तरफ से 1-1 लेबर का व्यक्ति गोदामों में भेजें ताकि गेहूं की बोरियों को जल्दी से गोदाम में उतारा जा सके। जल्दी ही इस समस्या का समाधान करके मंडी में से लिफ्टिंग करवा दी जाएगी।

किसानों को 257 करोड़ 72 लाख रुपए की सीधी अदायगी

वहीं, डीसी सोनाली गिरि ने बताया कि जिले की मंडियों में अब तक 1 लाख 62 हजार 761 मीट्रिक टन गेहूं आई है, जिसमें विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा पूरी गेहूं खरीदी जा चुकी है। पनग्रेन द्वारा 43 हजार 191 मीट्रिक टन, मार्कफेड द्वारा 34 हजार 144, पनसप द्वारा 40 हजार 637, पंजाब स्टेट वेयर हाउस कार्पोरेशन द्वारा 24 हजार 5 व एफसीआई द्वारा 20784 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली गई है। 96 हजार 310 मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग हो चुकी है और 257 करोड़ 74 लाख की अदायगी किसानों को हो चुकी है।

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