श्रद्धांजलि:शहीद गज्जन सिंह की अस्थियां सतलुज दरिया में विसर्जित

कीरतपुर साहिब2 महीने पहले
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अरदास में शामिल परिजन। - Dainik Bhaskar
अरदास में शामिल परिजन।
  • गांव पचरंडा के शहीद की अस्थियां लेकर गुरुद्वारा पतालपुरी साहिब पहुंचे परिजन, अरदास करवाई

जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में आतंकवादी हमले के दौरान शहीद हुए भारतीय सेना की 23 सिख रेजीमेंट के जवान गज्जन सिंह की अस्थियां वीरवार को कीरतपुर साहिब के गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब के पास सतलुज दरिया में विसर्जित की गई। इससे पहले शहीद के पारिवारिक सदस्यों, रिश्तेदारों एवं क्षेत्र के गणमान्यों द्वारा काफिले के रूप में गज्जन सिंह की अस्थियां गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब में लाई गई।

जहां पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी प्रणाम सिंह द्वारा चौपाई साहिब का पाठ किया गया और गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब के हेड ग्रंथी भाई निर्मल सिंह द्वारा अरदास की रस्म अदा की गई। उपरांत अस्थियां सतलुज दरिया में विसर्जित की गई।

पारिवारिक सदस्यों द्वारा गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब में शहीद गज्जन सिंह की आत्मिक शांति एवं शहीद की पावन रुह को गुरु चरणों में निवास देने की अरदास की गई। शहीद की धर्मपत्नी हरप्रीत कौर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आए दिन शहीद हो रहे माताओं के बेटे आम घरों के बेटे हैं।

अगर सत्ता में बैठे लोगों के बेटे इस प्रकार से सीमाओं पर शहीद हो तो उन्हें पता चले कि अपने जवान बेटे को खोने के बाद शहीद के परिवारों पर क्या गुजरती है। इस मौके पारिवारिक सदस्यों ने शहीद गज्जन सिंह के नाम पर किसी सड़क का नाम रखने और जिले में शहीद के नाम पर सीबीएसई से संबंधित स्कूल का निर्माण करने की मांग की।

इस मौके शहीद गजन सिंह के पिता चरण सिंह, माता मलकीत कौर, पत्नी हरप्रीत कौर सहित तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर भाई भगवंत सिंह धंगेड़ा, गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब के मैनेजर भाई बलविंदर सिंह, जत्थेदार गुरिंदर सिंह गोगी जिला अध्यक्ष शिरोमणि अकाली दल, संदीप सिंह कलौता, तिलकराज पचरंडा, बाबा प्रेम सिंह भल्लड़ी, लोक गायक पम्मा डूमेवाल, विजय बजाज, सुरिंदर सिंह राजा एवं राम स्वरूप सिंह मौजूद थे।

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