आत्महत्या / माहिलपुर में पावरकॉम के जेई ने दफ्तर में लगाया पंखे से फंदा, मौत

मृतक जेई हरजिंदर सिंह की पत्नी व बेटी विलाप करते हुए। मृतक जेई हरजिंदर सिंह की पत्नी व बेटी विलाप करते हुए।
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मृतक जेई हरजिंदर सिंह की पत्नी व बेटी विलाप करते हुए।मृतक जेई हरजिंदर सिंह की पत्नी व बेटी विलाप करते हुए।

  • पत्नी बोली-बच्चों को खूब पढ़ाना चाहते थे, पता नहीं ऐसा क्यों किया
  • जेई पर 4 फीडर और खजांची की थी जिम्मेदारी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 05:48 AM IST

माहिलपुर. पावरकाॅम विभाग माहिलपुर में तैनात एक जेई ने मंगलवार सुबह दफ्तर आकर बरामदे में लगे पंखे से परने का फंदा बनाकर जान दे दी। जेई हरजिंदर सिंह (53) पुत्र सरवण सिंह निवासी भाम (चब्बेवाल) के रहने वाले थे और नंगल, बघौरा, मक्खनगढ़ व भाम फीडर का चार्ज संभालने के साथ सब डिवीजन के खजांची भी थे। मंगलवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे वह घर भाम से एक्टिवा पर पावरकॉम के पुराने कार्यालय पहुंचे, जहां सिर्फ बिजली के मीटर रखे होते हैं। उनके पहुंचने तक कोई भी अन्य कर्मी नहीं आया था। यहां उन्होंने फंदा लगा लिया। 

घटना के बारे में उस समय पता चला जब उनके साथ काम करने वाला एक कर्मी कार्यालय पहुंचा। उक्त मुलाजिम ने उच्च अधिकारियों को घटना की सूचना दी, जिन्होंने बाद थाना पुलिस माहिलपुर को सूचित किया गया। पुलिस ने मौके  पर पहुंचकर शव कब्जे में लेकर जेई की पत्नी इद्रजीत कौर के बयान दर्ज कर धारा 174 के तहत कारवाई की। शव को सिविल अस्पताल गढ़शंकर में पोस्टर्माटम के लिए रखवा दिया है। बताया जा रहा है कि हरजिंदर सिंह पिछले कुछ दिन अतिरक्त काम व दिन-रात ड्यूटी से परेशान चल रहे थे। उधर, सीनियर कार्यकारी इंजीनियर सुमित धवन ने कहा कि जेई की मौत दुखद है, पर विभाग में काम के दबाव जैसा कुछ भी नहीं है, जिससे कोई अधिकारी इस तरह जान दे दे। जेई हरजिंदर सिंह के दो बच्चे बेटा और बेटी हैं। 

जेई हरजिंदर सिंह की पत्नी इद्रजीत कौर

मृतक जेई हरजिंदर सिंह की पत्नी इद्रजीत कौर ने पुलिस को बताया कि वे मंगलवार सुबह अपनी एक्टिवा पीबी 07एटी 3483 पर घर से साढ़े 8 बजे के लिए ऑफिस के लिए निकले थे। पत्नी इद्रजीत कौर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। पता नहीं, उन्हांेने ऐसा कदम क्यों उठाया। अधिकारी भी सतब्ध थे कि आखिर उन्होंने आत्महत्या क्यों की? पत्नी के मुताबिक वे सुबह घर से निकले तो एक परना लेकर निकले थे। पत्नी ने बताया कि वह अपने दोनों बच्चों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए दिन रात ड्यूटी कर रहे थे। दोनों बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

पावरकाॅम का बुरा हाल, कर्मियों पर काम का दबाव  : शाम

कौंसिल ऑफ जूनियर इंजीनियर के जिला अध्यक्ष इंजीनियर शाम सुंदर ने कहा कि पावरकाॅम मैनेजमेंट का बुरा हाल है। पुराने मुलाजिम सेवामुक्त हो रहे हैं और नए भर्ती नहीं हा रहे। इस करके पुराने मुलाजिमों पर काम का काफी दबाव है। जेई हरजिंदर सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ है, क्योंकि उनकेे पास 4 फीडर थे। मात्र एक फीडर ही माहिलपुर से चलता है बाकी तीन फीडर भाम सब स्टेशन से चलते हैं। एक जेई कैसे मैनेज कर सकता है। 

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