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अनाज मंडी:किसानों ने नौशहरा पत्तन की मंडी बंद करने और अदायगी न होने के विरोध में आज हाइवे बंद करने का किया एलान

मुकेरियां2 महीने पहले
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खरीद न होने के कारण नौशहरा पत्तन की मंडी में पड़ा गेहूं। - Dainik Bhaskar
खरीद न होने के कारण नौशहरा पत्तन की मंडी में पड़ा गेहूं।

केंद्रीय खरीद एजेंसी एफसीआई ने 3 मई से नौशहरा पत्तन की अनाज मंडी को बंद करने और 19 अप्रैल के बाद भुगतान न करने की घोषणा की। मंडी के आढ़ती सुरिंदर सिंह, जसविंदर सिंह, ठेकेदार चरण दास, लखवीर सिंह अहलूवालिया और करनैल सिंह ने कहा कि एफसीआई द्वारा नौशहरा मंडी में खरीद 3 मई से खरीद बंद कर दी है और 19 अप्रैल के बाद कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है जोकि किसानों के साथ धक्केशाही है।

उन्होंने बताया कि मंडी में अभी भी लगभग 8 हजार बोरी अनाज पड़ा हुआ है और गेहूं की खरीद 10 मई तक जारी रहने की संभावना है। उन्होंने यह मामला मंडी के अधिकारियों, खाद्य अधिकारियों और एसडीएम सहित विधायकों व उपायुक्तों के समक्ष उठाया लेकिन कोई भी अधिकारी केंद्रीय एजेंसी के अड़ियल रवैये की सुनवाई नहीं कर रहा है। किसान निर्मल सिंह, गुरनाम सिंह, बलकार सिंह, तरसेम सिंह ने कहा कि खराब मौसम के कारण खुले में मंडी में पड़े गेहूं का कोई वारिस नहीं है।

किसान अपनी फसल को बाहरी मंडियों में नहीं बेच सकते क्योंकि ज्यादातर किसानों के पास अपने वाहन नहीं है। इसके चलते उन्होंने घोषणा की कि वे 7 मई सुबह मुकेरियां-गुरदासपुर राज्यमार्ग पर सड़क यातायात रोक देंगे जोकि सरकार व प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।

उधर मार्केट समिति के सचिव बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मामले को विभाग के वरिष्ठ विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में लाया है, लेकिन अभी तक इस मुद्दे का समाधान कल होने की संभावना है। एफसीआई के जिला प्रबंधक कुलविंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि उन्होंने निर्धारित राशि से अधिक की खरीद कर ली है और माल नौशहरा मंडी में बाहरी मंडियों से आ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि एफसीआई को जिले में 20 प्रतिशत गेहूं खरीदने के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन उन्होंने 24-25 प्रतिशत खरीद की है। जबकि राज्य की खरीद एजेंसियों ने अब तक केवल 50-70 फीसदी गेहूं की खरीद की है। एफसीआई के खाता प्रबंधक बलविंदर राम ने कहा कि 19 से 24 मई तक नौशहरा मंडी का भुगतान कल खातों में जमा किया गया है और शेष भुगतान जल्द किया जाएगा।

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