विवाद / महीने में एक बार यूनिट जरूर चलाया जाए, इसे बंद रखना खतरनाक होगा : कर्मचारी संघ

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दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 07:30 AM IST

नंगल. पीएसीएल में यूनिट-1 को चलाने को लेकर कर्मचारी संघ और मैनेजमेंट में विवाद हो गया है। कर्मचारी संघ का कहना है कि पीएसीएल अधिकारियों में अनुभव की कमी है। दूसरी तरफ अधिकारी यूनियन के आरोपों को निराधार बता रहे हैं। 
पंजाब सरकार की उद्योगिक इकाई पंजाब अल्कालाइस एंड केमिकल्स लिमिटेड की यूनियन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय कुमार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने मैनेजिंग डायरेक्टर को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि इकाई की यूनिट-1 को माह में दो बार 24 से 48 घंटे के लिए चलाया जाए ताकि बंद रहने से इसका कोई नुकसान न हो। यह यूनिट लंबे समय से बंद पड़ा है। इस पत्र के जवाब में इकाई के डीजीएम एचआर आर जसवाल ने पहले दिन बयान दिया कि यूनिट 60 से 70 फीसदी चल रही है तथा दूसरे दिन बयान दिया कि यूनिट-1 के कुछ सेक्शन चल रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि मैनेजमेंट जनता तथा सरकार को गुमराह कर रही है। 
दूसरी तरफ यूनियन के साथ डीजीएम वर्कस एमपीएस वालिया ने मीटिंग में बताया कि यूनिट को लंबे समय तक बंद रखने में सावधानी बरतने के लिए यूनिट निर्माता कंपनी उदय इंडिया से संपर्क किया जा रहा है। संजय कुमार ने कहा कि दोनों अधिकारियों के बयान अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कास्टिक क्लोरीन प्लांट के चलने या बंद होने की सही स्थिति डीसी लोड पर आधारित होती है। पिछले ढाई महीनों से यूनिट-1 में डीसी लोड जोरी है।

कास्टिक क्लोरीन इंडस्ट्री में सबसे महत्वपूर्ण तथा संवेदनशील इलेकट्रालसिस सेक्शन होता है जो कास्टिक बनाता है तथा यह सेक्शन पीएसीएल के यूनिट-1 में ढाई महीने से बंद पड़ा है तथा खराब स्थिति में है। यूनिट-1 की खराब स्थिति के कारण भविष्य में पीए सीएल 320 मीट्रिक टन कास्टिक बनाने की स्थिति में नहीं है। कर्मचारी संघ ने कहा कि यूनिट को लंबे समय बंद रखने के बाद मैनेजमेंट को उदय इंडिया से सलाह लेने की याद आई है। इससे साफ है कि पीएसीएल नंगल इकाई अनुभवी टेक्नीकल डायरेक्टर की कमी से जूझ रहा है। यूनियन की मांग है कि इकाई में रिक्त पड़े पदों पर अनुभवी लोगों की भर्ती की जाए।

यूनिट में प्रोडक्शन बंद लेकिन बड़ा हिस्सा चलाया जा रहा, निर्माता कंपनी से किया संपर्क : डीजीएम

इस संबंधी पीएसीएल के डीजीएम आर एमपीएस वालिया ने कहा कि यूनिट इतने लंबे समय तक शटडाउन नहीं किया गया। इसके लिए यूनिट निर्माता कंपनी उदय इंडिया से संपर्क करना जरूरी है। इसमें अनुभव की कमी की बात ही नही है क्योंकि यूनिट बनाने वाले कंपनी को पता होता है कि इतना लंबा शटडाउन कैसे मैनेज किया जाए जिससे यूनिट को कोई नुकसान न हो। बाकी यूनिट का अधिक पोर्शन चलाया जा रहा है।

जरूरी नहीं कि यूनिट का हिस्सा चले और प्रोडक्शन भी हो। हम यूनिट का 60-70 फीसदी हिस्सा चला रहे हैं। बाकी डिमांड ने होने के कारण प्रोडक्शन नहीं कर रहे। जब हालात समान्य हो जाएंगे। तब डिमांड के अनुसार यूनिट चला लेंगे। 

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