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विरोध:सिद्धू की ओर से मुलाकात न करने पर हाईवे जाम करने वाले किसानों के खिलाफ केस

नवांशहर3 दिन पहले
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पीपीसीसी के नवनियुक्त प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के खटकड़कलां दौरे के दौरान मुलाकात के लिए समय न देने पर नाराज किसानों द्वारा हाईवे जाम करने के संबंध में थाना बंगा सदर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हालांकि मामला बाय नेम नहीं है, मगर इसके बावजूद किसान संगठनों द्वारा इस संबंध में तीखी प्रतिक्रिया दर्ज करवाई गई है।

वहीं, नेताओं ने चेतावनी दी कि गावों में राजनीतिक पार्टियों के नेताओं का डटकर विरोध किया जाएगा। हालांकि संगठन द्वारा पहले से ही सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को चेताया गया है कि गावों में उनका विरोध होगा। इसके साथ ही किसान नेताओं ने मंगलवार को खटकड़कलां में लगाए गए सांकेतिक जाम के लिए पुलिस की वादाखिलाफी और सिद्धू द्वारा सवालों के जवाब न देने को सीधे रूप से जिम्मेदार ठहराया है।

उधर, थाना सदर बंगा पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के खटकड़कलां म्यूजियम से जाने लगे तो करीब 100-150 किसान पहले से ही सड़क के एक तरफ खड़े थे। जो बाद में नारे लगाने लगे और नेशनल हाईवे पर आकर धरना लगाकर बैठ गए। करीब-करीब आधा-पौना घंटा नेशनल हाईवे जाम रहा। इसके चलते पुलिस द्वारा अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के अलावा 8-बी नेशनल हाईवे एक्ट 1956 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

किसान यूनियन बोली- पुलिस ने की वादाखिलाफी
किरती किसान यूनियन के प्रदेश नेता हरमेश ढेसी व जिला प्रधान सुरिंदर सिंह बैंस ने कहा कि किसान सिद्धू से पांच सवाल पूछना चाहते थे। पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया था कि वे सिद्धू के साथ उनकी मुलाकात करवा देंगे, जिस वजह से किसान मुलाकात के लिए इंतजार करते रहे, मगर सिद्धू बिना मिले ही निकल गए। ऐसे में पुलिस ने वादाखिलाफी की और सिद्धू किसानों के सवालों से बचते नजर आए। इसलिए किसानों द्वारा सांकेतिक प्रदर्शन किया गया था। इसके सबके लिए पुलिस व सिद्धू ही जिम्मेदार हैं। इसलिए संगठन पूरे घटनाक्रम की निंदा करता है।

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