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रक्षाबंधन:राशि के अनुसार राखी का रंग चुनें बहनें, गुरु पूजन कर आशीर्वाद लें

नवांशहर14 दिन पहले
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  • भद्रकाल को छोड़ बाकी सारा दिन शुभ, सुबह 9.29 से रात 9.11 बजे तक शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार का प्रतीक है। विशेष रूप से यह पर्व भावनाओं और संवेदनाओं का माना जाता है। जोकि इस बार 3 अगस्त को है। यह त्योहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। राखी एक प्रकार का रक्षा सूत्र होता है, जिसे बांधकर बहनें अपने भाई के सुखी जीवन की कामना करती है। ज्योतिष विद्या के अनुसार बहनों को राखी अपने भाई की राशि के अनुसार बांधनी चाहिए। राखी का रंग भाई की राशि के अनुसार चुनना बेहद शुभ होता है। इस दिन पूर्णिमा भी है। भक्त अपने गुरु के पूजन के बाद अपने उनका आशीर्वाद भी अवश्य लें।

शहर के बाजारों में राखियों की खरीदारी के लिए लोगों में उत्साह

स्नेही मंदिर के पंडित दिनेश मिश्रा व पंडित हर्षवर्धन ने बताया कि श्रावण महीने के अंतिम सोमवार और पूर्णमासी के दिन भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार 3 अगस्त को पूरे भारतवर्ष में मनाया जाएगा। रक्षाबंधन पर सुबह जल्दी उठें और स्नान करके देवी-देवताओं की पूजा करें। पितरों के लिए धूप-ध्यान करें। इन शुभ कामों के बाद पीले रेशमी वस्त्र में सरसों, केसर, चंदन, चावल, दूर्वा और अपने सामर्थ्य के अनुसार सोना या चांदी रख लें और धागा बांधकर रक्षासूत्र बना लें। इसके बाद घर के मंदिर में एक कलश की स्थापना करें।

उस पर रक्षासूत्र को रखें, विधिवत पूजन करें। पूजा में हार-फूल चढ़ाएं। वस्त्र अर्पित करें, भोग लगाएं, दीपक जलाकर आरती करें। पूजन के बाद से रक्षासूत्र को दाहिने हाथ की कलाई पर बंधवा लेना चाहिए। हालांकि इस बार कोरोना महामारी के चलते इस त्योहार की रौनक कुछ फीकी सी लग रही है। जहां भाई-बहन एक दूसरे मिलकर इस त्योहार को मनाते थे, वहीं इस बार यह त्योहार ऑनलाइन उपहार खरीद कर आदान-प्रदान किए जा रहे हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि बहन-भाई को मुहूर्त के अनुसार राखी बांधती है। इस लिए भद्राकाल को छोड़कर बाकी सारा दिन राखी पर्व मनाना शुभ होगा।

इस बार भद्रा काल 3 अगस्त को सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 9.29 से लेकर रात 9.11 बजे तक अलग-अलग चौकड़ियों में चलेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.30 बजे से 12.53 बजे, चल शुभ लाभ अमृत आदि की चौघड़िया के अनुसार दोपहर में 1.40 के बाद से शाम 4.28 तक और संध्या के प्रदोष काल मुहूर्त में रात 7 से 9 बजे तक राखी बांधी जा सकती है।

उधर, रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में शनिवार को शहर के बाजारों में राखियों की खरीदारी के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा गया और स्टालों पर लोग खरीदारी करते नजर आए। राखी को लेकर काफी उत्साह नजर आ रहा है। लोगों ने शनिवार को बाजारों में जमकर खरीदाकरी की।

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