मां शैलपुत्री का पूजन:श्रद्धालुओं ने कोेरोना प्रोटोकॉल का पालन कर मंदिरों में मां की पूजा की

नवांशहर10 दिन पहले
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स्नेही मंदिर में ज्योति प्रज्जवलित की रस्म अदा करते हुए देवीमां के भक्त। - Dainik Bhaskar
स्नेही मंदिर में ज्योति प्रज्जवलित की रस्म अदा करते हुए देवीमां के भक्त।
  • पहले नवरात्र पर मां भक्तों ने घर में की ज्योति प्रचंड, मां के नौ स्वरूपों का पूजन किया

वीरवार को मां शैलपुत्री के पावन नवरात्रे के साथ ही नवरात्रों की शुरुआत हो गई। पहले दिन नवरात्रों पर भक्तों ने घरों में और मंदिरों में मां की अखंड ज्योति जगा कर मां का विशेष पूजन किया। कोविड प्रोटोकॉल के पालन के तहत होने वाले पूजन के तहत शिवाला पंडित जय दयाल ट्रस्ट मंदिर घास मंडी में मां दुर्गा जी के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना की गई। सुबह नौ देवियों का पूजन कर माता ज्वाला देवी जी से लाई मंदिर में ही स्थापित ज्योति से ज्योति प्रचंड की रस्म विशाल चोपड़ा, शिवानी चोपड़ा व ट्रस्ट सदस्यों द्वारा अदा की।

पं. भगवान दास द्वारा नवमहापुरायण जी का पाठ आरंभ करवाया गया। श्री दुर्गा स्तुति जी का पाठ किया गया। इस मौके पर अशोक वर्मा, विजय वर्मा, अशोक चोपड़ा, बाल किशन आनंद मौजूद रहे। न्यू टीचर कॉलोनी में नील कंठ महादेव मंदिर में सुबह पं. नितिश द्वारा मंदिर प्रबंधकों से विधिवत पूजन करवाया गया। अश्वनी कुमार ने बताया कि मंदिर में शाम को 5 से 7 बजे महिला संकीर्तन द्वारा श्री दुर्गा स्तुति जी का पाठ किया जाएगा। इस मौके पर अनिल गौड़, बिंदर बाली, लवली, डॉ. हरीश, डिंपल ओबराए, बीएन ओबराए मौजूद रहे। स्नेही मंदिर देवी देवालय में पं. हर्षवर्धन व पं. दिनेश मिश्रा द्वारा सुबह नवदुर्गा का पूजन ललित मोहन पाठक बल्लू, दीक्षित भारद्वाज, नेम कुमार जैन, चिंटू अरोड़ा, अशोक लड़ोइया से करवाया।

अखंड ज्योति प्रचंड करने के बाद श्री रामायण जी का पाठ रखा गया। दोपहर को हवन यज्ञ करवाया गया, शाम को सामूहिक दुर्गा स्तुति जी का पाठ हुआ। इस मौके पर परविंदर बत्रा, गोपाल कृष्ण नीटा, बिट्‌टू फौजी, सतीश मुनीम, मुकेश धम्म, मुकेश बिट्‌टू, विनोद चोपड़ा हाजिर रहे। वहीं पुरानी दाना मंडी के मनकामेश्वर महादेव मंदिर में संत बलराम दास व संत सीता राम दास के आशीर्वाद से पं. मनीश वासुदेव द्वारा पूजन शुरु किए गए, मंदिर में 21 सिद्ध पीठों से लाई ज्योति स्थापित की गई। इसके बाद देर रात को सामूहिक श्री दुर्गा स्तुति जी का पाठ किया गया।

कच्चा टोबा शिव मंदिर में पं. वासुदेव ने शिवाला पं. सरुप चंद ट्रस्ट सदस्यों से अखंड ज्योति पूजन करवाया, इसके बाद दुर्गा स्तुति जी का पाठ हुआ। महिला संकीर्तन मंडल द्वारा संकीर्तन तथा देर रात को मां की महिमा का चौकी में गुणगान किया गया। बाबा बालक नाथ मंदिर में अखंड ज्योति प्रचंड करने के बाद श्री राधा कृष्ण संकीर्तन मंडल ने 108 बार श्री दुर्गा चालीसा जी का पाठ किया।

असुरी शक्तियों पर विजय के प्रतीक हैं नवरात्रे

स्नेही मंदिर के पंडित हर्षवर्धन, पं. दिनेश मिश्रा, व घास मंडी के पं भगवान दास ने बताया कि पहला नवरात्र मां शैलपुत्री का होता है। नवरात्र पर्व को असुरी शक्तियों पर देवी शक्ति का विजय प्रतीक माना जाता है। पर्वत राज हिमालय के घर पुत्री के रुप में जन्मी इसलिए इसका नाम शैलपुत्री पड़ा। उधर, नवरात्रों पर श्रद्धालुओं द्वारा व्रत भी शुरू किए गए।

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