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जागरुकता कैंप:खेतीबाड़ी अधिकारियों ने बिना पराली जलाए सुपर सीडर और हैपी सीडर से की गेहूं की बिजाई

कटारियां8 महीने पहले
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  • कंगरौड़ में मिशन फतेह मुहिम के तहत लगाए कैंप में किसानों से की पराली न जलाने की अपील

खेतीबाड़ी व किसान भलाई विभाग ने जिला मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. राज कुमार की अगुवाई में गांव कंगरौड़ में किसान जागरुकता कैंप का आयोजन किया। किसानों को संबोधित करते हुए डॉ. राज कुमार ने कहा कि पराली जलाने से धरती के मित्र कीड़े नष्ट हो जाते हैं और भूमि की ऊपजाऊ शक्ति कम हो जाती है।

एक एकड़ धान की फसल से करीब 3 टन पराली पैदा होती है और एक टन पराली जलाने से 400 किलो जैविक कार्बन, 5.5 किलो नाइट्रोजन आदि का नुकसान होता है। पराली की समस्या का हल करने के लिए पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी द्वारा विभिन्न मशीनों जैसे सुपर सीडर, हैपी सीडर, पराली कुतरने तथा बिखेरने के लिए चौपर, रोटरी टिलर (रोटावेटर), जीरो ड्रिल, मलचर आदि की सिफारिश की गई है।

इस तरीके से मिट्‌टी के संपर्क में आने से पराली पूरी तरह तथा तेजी से गलती है। उन्होंने बताया कि यह मशीनें विभाग द्वारा किसान ग्रुप, सहकारी सभाओं तथा किसानों को सब्सिडी पर दी जाती हैं, इसलिए इनका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस दौरान बंगा के कृषि अधिकारी डॉ. दर्शन लाल ने किसानों से अपील की कि वे अपनी धान की फसल को सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) वाली कंबाइन मशीनों से सुबह 10 से शाम 7 बजे तक ही कटाई करवाएं।

इस दौरान कटारियां के खेती विकास अधिकारी डॉ. लक्ष्मण दास ने किसानों को एसएमएस लगी कंबाइन से धान काट कर सुपर सीडर तथा हैपी सीडर आदि मशीनों के प्रयोग करके गेहूं की बिजाई का खेत प्रदर्शन करके दिखाया गया। इस मौके पर डॉ. सुरिंदर कुमार, डॉ. कुलदीप सिंह, सुखजिंदर पाल, सुखदीप सिंह, जपजीत सिंह, गांव कंगरौड़ के सरपंच भूपिंदर सिंह, पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह, हरविंदर सिंह, जसवीर सिंह, मुख्त्यार सिंह, दिलबाग सिंह, गगनदीप सिंह, कुलविंदर सिंह, दविंदर सिंह, अरविंदर सिंह, अमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।

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