नियम:गवर्नमेंट टीचर यूनियन पंजाब ने बच्चों पर थोपे फीस रूपी जजिया टैक्स वापस लेने की उठाई मांग

नवांशहर2 महीने पहले
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  • 5वीं, 8वीं, 10वीं व 12वीं की मार्कशीट के लिए देनी होगी फीस

शिक्षा विभाग ने अब सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों का रूप व कारगुजारी को अपनाना शुरू कर दिया है। स्कूलों को आकर्षक व संसाधन मुक्त बनाने के साथ-साथ अब फीसें भी प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को मार्कशीट व डीएमसी के लिए फीस अदा करनी होगी। बोर्ड के नए नियमों के अनुसार पांचवीं कक्षा का नंबर कार्ड हासिल करने के लिए 100 रुपए फीस अदा करनी होगी। वहीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं के नंबर कार्ड (डीएमसी) के लिए 300 रुपए फीस निर्धारित कर दी है।

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से हर वर्ष परीक्षा व कांटीन्यूशन फीस में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। अब बोर्ड कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों पर क्लास पास करने पर नंबर कार्ड यानी मार्कस शीट हासिल करने के लिए फीस निर्धारित करके सरकारी स्कूल में पढ़ते जरूरतमंद परिवारों के बच्चों पर आर्थिक बोझ डाल दिया है। गवर्नमेंट टीचर यूनियन पंजाब ने इसका विरोध जताते हुए मार्कस शीट फीस रूपी जजिया टैक्स लगाकर विद्यार्थियों को पढ़ाई से दूर करने की पैंतरेबाजी करार दिया है। यूनियन के प्रदेश प्रधान सुखविंदर सिंह चाहल, प्रदेश जनरल सेक्रेटरी व जिला प्रधान कुलदीप सिंह दौड़का, जिला सेक्रेटरी बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि कोरोना काल में आर्थिक तंगी झेल रहे विद्यार्थियों को सरकार की ओर से वजीफा राशि जारी करके राहत देने की बजाए उनके अभिभावकों पर मार्कस शीट लेने के लिए फीस थोप दी है जो कि विद्यार्थियों के साथ नाइंसाफी है। ऐसे करके शिक्षा बोर्ड उलटे-सीधे तरीके से शैक्षिक संस्थाओं को कमाई का जरिया बनाना चाहती है। यूनियन ने मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी से विद्यार्थियों पर नंबर कार्ड के लिए लगाई गई फीस तुरंत वापस लेने की मांग उठाई है।

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