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रोष:डॉक्टरों और कर्मियों पर बढ़ते हमलों के रोष में आईएमए ने ओपीडी रखीं बंद, इमरजेंसी सेवाएं दीं

नवांशहरएक महीने पहले
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  • कहा-सरकार हमलावरों के खिलाफ सख्त कानून बना सुरक्षा यकीनी बनाए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन नवांशहर ने डॉक्टरों व सेहत कर्मियों की सुरक्षा व फ्रंटलाइन वर्करों पर हो रही हिंसा के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शन किया। आईएमए से जुड़े डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखी। सिर्फ एमरजेंसी सेवाएं ही दीं। डॉक्टरों के प्रदर्शन में हलका बंगा विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी विशेष तौर पर मौजूद रहे। आईएमए के प्रधान डॉ. जेएस संधू ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान काम कर रहे सेहत विभाग कर्मचारी व डॉक्टर, फ्रंटलाइन वर्करों पर यह हिंसा आम देखने में आ रही है।

कोरोना महामारी के दौरान यह हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसमें आम लोगों द्वारा सेहत कर्मचारियों से मारपीट व अस्पताल का नुकसान किया गया है। विधायक सुक्खी ने कहा कि सरकार को डॉक्टरों व सेहत कर्मियों के साथ हो रही हिंसा के खिलाफ सख्त कानून बनाने चाहिए।

आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. परमजीत मान ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को लेकर हर तरह के सहमति पत्र और हस्ताक्षर करवाने चाहिए और मरीज के रिश्तेदारों को होने वाले फायदे या नुकसान के संबंध में जानकारी दी जानी चाहिए। इस मौके पर आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. रंजीव, डॉ. गुरदीप सेठी, डॉ. दिनेश वर्मा, डॉ. जगमोहन पुरी, डॉ. हरिंदरपाल हैरी, डॉ. अजय धवन, डॉ. मनजीत, डॉ. एलआर बद्धण, डॉ. दविंदर चाहल, डॉ. रणबीर राणा, डॉ. गुरजीत कौर, डॉ. सुरभी धवन, डॉ. लक्षिता, डॉ. रचना अग्रवाल, डॉ. वनरीत कौर आदि मौजूद रहे।

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