पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

डेंगू ने जिले में दे दी दस्तक:शहर में 100 से ज्यादा खाली प्लाटों में पल रहा लारवा, 1 माह में दो मरीज पॉजिटिव मिल चुके

नवांशहरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोरोना संक्रमण का प्रकोप हो रहा कम तो डेंगू ने जिले में दे दी दस्तक
  • सेहत विभाग के सर्वे में हर हफ्ते 5 से 8 जगहों पर मिल रहा लारवा, लोग फिर भी लापरवाह

जिले में कोरोना के मामले अब थमने लगे हैं और एक्टिव केस भी 20 के आसपास ही रह गए हैं। वहीं बरसाती सीजन के चलते जुलाई से डेंगू एक्टिव हो गया है, जिसका डर सताने लगा है। हालात यह हैं कि जिले में अभी तक 2 डेंगू के केस सामने आ चुके हैं, जिनका इलाज चल रहा है। हालांकि एंटी लारवा टीम हर सप्ताह क्षेत्र में सर्वे करती है, जिसमें औसतन हफ्ते में 5 से 8 जगहों पर डेंगू का लारवा मिल रहा है।

बता दें कि नवांशहर सिटी में ही करीब 100 से ज्यादा खाली प्लाट हैं। इनमें बरसाती पानी जमा होता रहता है, लोग प्लाटों में कचरा व टूटा-फूटा सामान फेंकते रहते हैं जो डेंगू लारवा पनपने का कारण बन रहे हैं। यही नहीं विभाग द्वारा फैलाई जा रही जागरूकता के बावजूद अभी भी कहीं न कहीं लोगों के घरों में पड़े एयर कूलरों, गमलों, टायरों, पुराने व बेकार पड़े सामान व बर्तनों में जमा होने वाला साफ पानी में डेंगू का लारवा मिल रहा है जोकि लापरवाई है। जिला एपिडिमोलॉजिस्ट डाॅ. जगदीप ने कहा कि लोगों को डेंगू के बारे में जानकारी देने के बावजूद सर्वे में अकसर लोगों के घरों में पड़े सामान में डेंगू का लारवा मिल रहा है।

बीते साल जिले में आए थे डेंगू के 200 मरीज
बीते साल सामने आए केसों की बात करें तो बीते साल डेंगू मरीजों का आंकड़ा लगभग 200 तक पहुंच गया था, जबकि इससे पहले के सालों से ये और भी अधिक था। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार डेंगू लारवा साफ पानी में ही पनपता है। यह पानी अकसर घरों में रखे एयर कूलरों, टूटे बर्तनों, फ्रिज की ट्रेयों, गमलों, खाली बोतलों और छतों पर रखे पुराने टायरों में बरसात के पानी या साफ पानी जमा होता है। कहीं न कहीं इसके लिए कसूरवार लोग ही माने जा सकते हैं क्योंकि वे ही जाने अनजाने साफ पानी जमा होने के लिए हालात पैदा करते हैं। चार दिन या एक हफ्ते से अधिक समय तक पानी जमा रहने से मच्छर के अंडों में से डेंगू लारवा पनप जाता है, जिससे डेंगू मच्छर पैदा हो जाता है।

डेंगू के लक्षण
डेंगू बुखार के लक्षणों में सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों व जोड़ों में दर्द, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, ग्रंथियों में सूजन, डेंगू मच्छर के काटने पर एक हफ्ते बाद बुखार हो जाता। डेंगू रक्तस्रावी बुखार के लक्षण हल्के होते हैं जोकि कुछ दिनों में गंभीर हो सकते हैं। डेंगू शॉक सिंड्रोम-यह डेंगू का एक गंभीर रूप है और यहां तक कि यह मौत का कारण भी बन सकता है।
डेंगू से बचाव
ठहरे हुए साफ पानी में एडीज मच्छर पनपता है। पानी के बर्तन या टंकी को ढक कर रखें। जरूरी हो तो कीटाणुनाशक का उपयोग करें। मच्छरों के लिए एक प्रजनन आधार विकसित करने की संभावनाओं को कम करने के लिए ऐसे बर्तन या सामान को उल्टा करके रखें, जिसमें पानी जमा हो सकता है और सतहों को साफ करें। दिन के समय मच्छर के काटने से बचें।

खबरें और भी हैं...