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ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए मशीनरी भी पहुंची:अब मिलेगा बेहतर इलाज; 15 दिन में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने की उम्मीद, 1 घंटे में भरे जा सकेंगे 35 सिलेंडर

नवांशहर25 दिन पहले
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नवांशहर के सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए लाई गई मशीनरी। - Dainik Bhaskar
नवांशहर के सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए लाई गई मशीनरी।
  • सिविल अस्पताल में अब नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी
  • अस्पताल में ही बनाया जा रहा प्लेटफार्म जहां फिट होगी प्लांट की मशीनरी
  • अस्पताल के 50 कोविड बेड, आईसीयू, इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर को मिलेगी ऑक्सीजन की सप्लाई

सिविल अस्पताल में अब ऑक्सीजन की कमी नहीं आएगी। यहां अस्पताल प्रबंधन की ओर से ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्लांट लगाया जा रहा है। जिसकी कैपेसिटी प्रति घंटा 35 बड़े सिलेंडर भरने की बताई जा रही है। सब कुछ सही रहा तो आने वाले 15 दिनों में प्लांट काम करना शुरू कर देगा और अस्पताल के आईसीयू व इमरजेंसी वार्ड के साथ-साथ ऑपरेशन थिएटर आदि में ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हो जाएगी।

यहां बता दें कि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए संबंधित उपकरण व मशीनरी आ चुकी है। सिविल विंग द्वारा यहां अस्पताल में ही प्लांट लगाने के लिए प्लेटफार्म बनाया जा रहा है जहां प्लांट की मशीनरी फिट करनी है। जिसके बाद मशीनरी फिट करके आईसीयू व इमरजेंसी वार्ड में पहले से ही बिछाई जा चुकी पाइप लाईनों में सप्लाई पाइप लाइन जोड़ने का प्रपोजल है। हालांकि फिलहाल प्रोजेक्ट शुरूआती दौर में है।

जिले के सरकारी अस्पताल में लगने जा रहा पहला ऑक्सीजन प्लांट, काम शुरू

  • कोरोना काल में एक दम से लेवल 2 व लेवल 3 के मरीजों की संख्या बढ़ गई थी। हालांकि सिविल में कुछ समय पहले तक लेवल 2 तक के मरीजों को रखने की ही व्यवस्था थी, जबकि हाल ही में यहां पर लेवल 3 के दो बेड शुरू किए गए हैं।
  • मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई सही से जाती रहे इसके लिए प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
  • हालांकि बताया जा रहा है कि अस्पताल में कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत नहीं हुई। मगर आपातकाल को देखते हुए सरकार, प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन की ओर से अस्पताल में ही ऑक्सीजन प्रोडक्शन के लिए प्लांट लगाया जा रहा है।
  • जब प्लांट काम करने लगेगा तब फैसला होगा कि प्लांट से सप्लाई पाइप लाइनों के जरिए आईसीयू तक पहुंचाई जानी है या फिर पहले की भांति सिलेंडर मुख्य पाइप लाइनों के साथ जोड़ कर वहां की सप्लाई चालू की जानी है। इसके अलावा अन्य तकनीकी जानकारियों पर भी इंजीनियरिंग विभाग व माहिरों द्वारा डिसीजन लिए जाने हैं।

जिला मजिस्ट्रेट डॉ. शेना अग्रवाल ने प्लांट को लेकर अधिकारियों के साथ की चर्चा

जिला मजिस्ट्रेट डॉ. शेना अग्रवाल ने बीते दिनों तकनीकी माहिरों के साथ बैठक में चर्चा करते हुए कहा कि प्लांट लगने के बाद ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. जीएस कपूर, एसएमओ व ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाले तकनीकी माहिरों से कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

ऑक्सीजन प्लांट के शुरू होने पर ही इसकी असली कैपेसिटी का पता चल पाएगा

ऑक्सीजन प्लांट का कार्य देख रहे परमवीर प्रिंस ने कहा कि प्लांट एक घंटे में 35 बड़े सिलेंडर ऑक्सीजन के भर सकता है। प्लांट के शुरू होने पर ही इसकी असली कैपेसिटी का पता चल पाएगा। तकनीकी टीम द्वारा ऑक्सीजन की क्वालिटी का टेस्ट किया जाएगा।

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