नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल:इमरजेंसी को छोड़ अस्पताल के अन्य मरीजों की देखभाल भी नर्सिंग के विद्यार्थी कर रहे

नवांशहरएक महीने पहले
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  • मांगों संबंधी नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल 7वें दिन भी जारी

नर्सिंग स्टाफ की ओर से अपनी मांगों के संबंध में शुरू की गई हड़ताल मंगलवार को 7वें दिन भी जारी रही। इस दौरान नर्सिंग यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर सिविल अस्पताल की ओपीडी के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि सरकार पहले भी उनके साथ वायदा खिलाफी कर चुकी है। ऐसे में उनके पास मांगे पूरी तरह माने जाने तक पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। उधर नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर चले जाने की वजह से सैंपलिंग व टीकाकरण का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

इमरजेंसी को छोड़ अस्पताल के अन्य मरीजों की देखभाल भी नर्सिंग के छात्र ही कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर नवांशहर सिविल अस्पताल में धरने पर बैठी नर्सिंग यूनियन की मेंबर्स का कहना है कि पहले जब उन्होंने हड़ताल की थी, तो सरकार के भरोसे के बाद खोली थी, लेकिन सरकार ने उनके साथ वायदा खिलाफी की तथा मानी गई मांगों के संबंध में कोई भी नोटिफिकेशन या चिट्‌ठी जारी नहीं की। ऐस में उनके पास अब बेमियादी हड़ताल के अलावा कोई रास्ता नहीं है। इस दौरान डाक्टर यूनियन व पैरा मेडिकल की ओर से नर्सिंग स्टाफ के धरने का समर्थन किया गया। मौके पर नीलम, डा. सतविंदर पाल, डा. हिरतेश पाहवा, राज रानी, पुपिंदर, ताहिर, ज्योति, राज रानी, प्यारी, राजविंदर, नेहा, पूनम बाला, चेतना राठौर, पुपिंदर कुमार, बबीता आदि मौजूद रहे।

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