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अभी इंतजार:कौंसिल बेईं के पास ढूंढ रही एक एकड़ जमीन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगने से जलभराव की समस्या होगी हल

नवांशहर12 दिन पहलेलेखक: मनदीप सिंह
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  • कौंसिल को नहीं मिल रही सीवरेज ट्रीटमेंट-डिस्पोजल प्लांट लगाने के लिए जमीन

जिला मुख्यालय में हदबंदी बढ़ने के साथ नए जुड़े क्षेत्रों खासकर गांव सलोह, बरनाला, चंडीगढ़ रोड, कुलाम, गढ़शंकर रोड के उन क्षेत्रों जहां पर सीवरेज की सुविधा नहीं है, को अभी इस सुविधा के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि नगर कौंसिल को फिलहाल नए सीवरेज ट्रीटमेंट-डिस्पोजल प्लांट लगाने के लिए कहीं भी जगह नहीं मिल पाई है। कौंसिल कुलाम व सोना आदि गांवों में कम से कम एक एकड़ जगह ढूंढ रही है जहां पर प्लांट लगाया जाना है। मगर तमाम कोशिशों के बावजूद कौंसिल जमीन ढूंढने में सफल नहीं हो पाई है।

हालांकि कौंसिल प्रधान का कहना है कि जल्द ही जगह ढूंढ कर उसे कौंसिल के नाम करवाकर काम शुरू करवाया जाएगा, जिससे गढ़शंकर रोड से राहों रोड के चंडीगढ़ रोड़ की तरफ की आबादी को फायदा होगा। यहां बता दें कि शहर में जो सीवरेज सिस्टम व सीवरेज ट्रीटमेंट-डिसपोजल प्लांट चल रहा है वह शहर की आबादी व क्षेत्र के हिसाब से अब कम पड़ने लगा है। जिसके चलते अक्सर बरसातों में शहर में जल भराव जैसी समस्याओं से लोगों को दो-चार होना पड़ता है। इसी वजह से कौंसिल नए प्लांट की प्रपोजल पर काम कर रही है, ताकि शहर की समस्या का हल हो सके।

जमीन मिलने पर प्रोजेक्ट जल्द किया जाएगा शुरू : एसडीओ

शहर की गढ़शंकर रोड से राहों रोड तक की चंडीगढ़ रोड की तरफ की आबादी के लिए नया ट्रीटमेंट प्लांट और नया डिस्पोजल बनाने के लिए कौंसिल द्वारा कुलाम व सोना क्षेत्र में जमीन ढूंढ रही है। कौंसिल को यह जमीन क्षेत्र में बहती बेईं के नजदीक चाहिए, ताकि ट्रीट किया गया पानी बेईं में डाला जा सके। जिसके लिए कम से कम एक एकड़ जमीन की जरूरत है। हालांकि कौंसिल इस प्रोसेस में कौंसिल क्षेत्र में आए गांवों की पंचायती जमीन का पता लगा रही है ताकि कौंसिल को कोई नई जमीन खरीदने की बजाए पहले से ही कौंसिल के खाते में आई जमीन मिल जाए। सीवरेज बोर्ड के एसडीओ रणजीत सिंह का कहना है कि कौंसिल द्वारा नए प्रोजेक्ट के लिए जमीन ढूंढी जा रही है। जमीन मिलने पर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा।

70 प्रतिशत आबादी को नए सिस्टम से होगा लाभ

मिली जानकारी के अनुसार शहर की पुरानी आबादी यानि गढ़शंकर रोड से राहों रोड़ के करियाम की तरफ की आबादी जिसे शहर की पुरानी आबादी भी कहा जा सकता है। जो करीब 70 फीसदी आबादी बनती है, को नए सिस्टम के जरिए लाभ होगा। हालांकि उक्त आबादी पुराने सीवरेज सिस्टम से जुड़ी रहेगी, मगर इस पुराने सिस्टम पर शहर की पूरी आबादी के सीवरेज सहित बरसाती पानी व गंदे पानी की निकासी का बोझ था जो कम होगा। यही नहीं एक ही सिस्टम होने की वजह से बरसातों में शहर को जल भराव की समस्या आ रही थी जिसका हल होगा।

शहर के सीवरेज सिस्टम को दो हिस्सों में बांटने का है प्रपोजल

जानकारी के अनुसार नगर कौंसिल की ओर से प्रपोजल है कि शहर के सीवरेज सिस्टम को दो अलग हिस्सों में बांटा जाना है। जिसके तहत गढ़शंकर रोड से राहों रोड तक के शहर की आबादी के चंडीगढ़ रोड़ की तरफ के हिस्से जिसमें गढ़शंकर रोड, गांव कुलाम, चंडीगढ़ रोड़, बरनाला, सलोह आदि वे क्षेत्र जहां पर सीवरेज की सुविधा नहीं हो को सुविधा मुहैया करवाने के लिए यह नया प्लांट लगाया जाना है और इन क्षेत्रों को नए प्लांट के साथ जोड़ा जाना है। जबकि गढ़शंकर रोड़ से बंगा रोड तक का क्षेत्र यहां से करियाम रोड तक और इसके बाद करियाम रोड से राहों रोड के दरम्यान के क्षेत्र को पुराने सीवरेज सिस्टम के साथ ही जुड़ा रहने दिया जाएगा।

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