पंजाब में कोरोना का केंद्र नवांशहर / राज्य में कुल 33 संक्रमित, इनमें से 20 नवांशहर से, मौत का इकलौता मामला भी यहीं का

नवांशहर में कोरोना की महामारी से निपटने के लिए रणनीति पर विचारकरते प्रशासनिक अधिकारी। नवांशहर में कोरोना की महामारी से निपटने के लिए रणनीति पर विचारकरते प्रशासनिक अधिकारी।
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नवांशहर में कोरोना की महामारी से निपटने के लिए रणनीति पर विचारकरते प्रशासनिक अधिकारी।नवांशहर में कोरोना की महामारी से निपटने के लिए रणनीति पर विचारकरते प्रशासनिक अधिकारी।

  •  जिस बुजुर्ग की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हुई थी, उसके बेटों-बहू समेत कुल 10 रिश्तेदार भी पॉजिटिव
  • नवांशहर और जालंधर जिलों में जितने भी संक्रमित मिले हैं, वह कहीं न कहीं बुजुर्ग के संपर्क में रहे हैं

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 04:44 PM IST

नवांशहर. पंजाब का नवांशहर कोरोना संक्रमण का केंद्र बना हुआ है। राज्य में गुरुवार तक संक्रमण के 33 मामले सामने आए, इनमें से 20 नवांशहर के हैं। पंजाब में कोरोना संक्रमित पहली मौत नवांशहर के पठलावा गांव में हुई थी। यहां जर्मनी से लौटे एक 70 साल के बुजुर्ग की मौत हुई थी। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग ने पठलावा और उसके आसपास के 9 गांवों को सील कर दिया था। लेकिन, तब तक कोरोना संक्रमण फैल चुका था।

नवांशहर जिले के गांव पठलावा के बाहर तैनात स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम।

गुरुवार को पठलावा गांव में ही 62 साल की महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस महिला से पहले इसके बेटे को भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। बेटा भी बुजुर्ग के संपर्क में आया था। नवाशंहर में संक्रमित मिले कुल लोगों में से 10 बुजुर्ग के रिश्तेदार हैं, जबकि दूसरे जिलों के भी ज्यादातर लोग उसी के संपर्क में कभी न कभी आए थे। संक्रमित लोगों की इस लिस्ट में फिल्लौर के तीन लोगों का भी नाम है। इसमें एक लैब टैक्नीशियन और उसके बेटे के अलावा एक अन्य व्यक्ति है। यह तीनों भी नवांशहर के बुजुर्ग के संपर्क में आए थे।

नहीं रुक रहा सिलसिला
21 मार्च को बुजुर्ग के परिवार के छह लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इनमें दो बेटे, बहू, बेटी, दामाद और पोती शामिल थी। इसके बाद 22 मार्च को सात नए मामले सामने आए तो उनमें गांव का सरपंच भी शामिल था। वहीं 23 मार्च को बुजुर्ग के पोते की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। वहीं, 24 मार्च को बुजुर्ग की दो अन्य पोतियों व एक अन्य पोते और दोहते की रिपोर्ट भी पॉजिटिव निकली थी।

बुजुर्ग ने जर्मनी-इटली की यात्रा की थी

संक्रमण के चलते जान गंवाने वाला बुजुर्ग गुरुद्वारे में पाठी यानी धार्मिक काम करते थे। 20 फरवरी को दो साथियों के साथ धार्मिक कार्यक्रम के लिए जर्मनी गए थे। 26 फरवरी को तीनों जर्मनी से इटली पहुंचे। वहां से 6 मार्च को तीनों इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली पहुंचे तो 7 मार्च को गांव लौट गए। 13 मार्च को स्वास्थ्य विभाग ने तीनों को निगरानी में रखा। 16 मार्च को बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे लेकर फगवाड़ा के प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे तो वहां से डॉक्टर ने खांसी-जुकाम के साथ बुखार भी बताया। रेफर किए जाने पर 17 मार्च को को जालंधर के पटेल अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने रात को सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद 18 मार्च को नवांशहर के सिविल अस्पताल में पाठी ने दम तोड़ दिया।

19 मार्च को मौत के बाद संक्रमण की पुष्टि हुई थी
19 मार्च को रिपोर्ट में कोरोना से मौत की पुष्टि हुई तो बुजुर्ग को जिन-जिन अस्पताल में रखा गया था उन्हें सैनिटाइज किया गया। चार हजार की आबादी वाले पठलावा गांव को सील कर दिया गया। 20 मार्च को पता चला कि बुजुर्ग श्री आनंदपुर साहिब में होला महल्ला उत्सव में भी गया था। इसके चलते श्री आनंदपुर साहिब भी सील कर दिया गया। 

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