शुगर मिल चुनाव:अपने ही जोन में 8 वोट से हारे राणा, शिअद के 4 जीते, अब 10 डायरेक्टर्स में चुनाव, 1 के सिर सजेगा चेयरमैन का ताज

नवांशहर2 महीने पहले
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शुगर मिल चुनाव में जीत की खुशी जताते अकाली-बसपा उम्मीदवार। - Dainik Bhaskar
शुगर मिल चुनाव में जीत की खुशी जताते अकाली-बसपा उम्मीदवार।
  • जिले में 6 जोन के लिए हुए चुनाव, 12 उम्मीदवार थे आमने-सामने

शुगर मिल के चुनावों के लिए वीरवार को हुई वोटिंग के बाद शाम को आए नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। बोर्ड आफ डायरेक्टर के चेयरमैन पद के कांग्रेस की ओर से सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे सीनियर कांग्रेस नेता राणा कुलदीप अपने ही जोन से चुनाव हार गए। उन्हें चरनजीत सिंह ने 8 वोट से हराया।

नवांशहर सोसायटी के इन जोन में चरनजीत सिंह को 49 वोटें मिलीं, जबकि राणा कुलदीप को 41 वोटें पड़ीं। यहां पोलिंग स्टेशनों में हालात यह रहे कि पोलिंग स्टेशनों पर सुबह से ही अकाली दल व कांग्रेसी वर्करों का अपने अपने बूथों पर जमावड़ा रहा।

यहां चीनी मिल में स्थित पोलिंग स्टेशन पर जहां कांग्रेस के खेमे में विधायक अंगद सिंह, राणा कुलदीप सिंह, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन कमलजीत लाल, कौंसिल प्रधान सचिन दीवान, ब्लॉक कांग्रेस प्रधान जयदीप जांगड़ा, मार्केट कमेटी के चेयरमैन चमन सिंह भानमजारा, हरप्रीत बजाज, प्रदीप चांदला सहित अन्य कांग्रेसी डटे रहे। यहां बता दें कि चुनावों में पहले ही चार जोन में चार प्रत्याशी बिना विरोध जीत चुके हैं। व्यक्तिगत जोनों में से जोन नंबर 2 गढ़शंकर से जगतार सिंह, जोन नंबर 5 बंगा से हरिंदर कौर, जोन नंबर 6 करियाम से सरताज सिंह, जोन नंबर 7 नौरा से सुरिंदर कौर विजयी हो चुकी हैं।

अब आगे क्या

चार उम्मीदवार पहले ही बिना मुकाबला जीत चुके हैं। इनमें से आज तक तो अधिकतर कांग्रेस के साथ ही थे, लेकिन चुुनाव में जिस तरह से अकाली समर्थकों ने वोटिंग वाले 6 में से 4 जोन जीत लिए उसके बाद अगर बिना मुकाबला जीते डायरेक्टरों में से अगर एक भी अकाली दल के साथ खुलकर आ गया तो दोनों तरफ 5-5 डायरेक्टर हो जाएंगे और चेयरमैनी का जाल बुरी तरह उलझ जाएगा।

अकाली दल और कांग्रेस के विरोधी खेल बिगाड़ने के लिए किसी आजाद उम्मीदवार को भी चेयरमैनशिप या फिर शुगरफेड के डायरेक्टर बनाने की बात कह अपने साथ मिलाने की कोशिश कर सकते हैं। कांग्रेस विरोधी उम्मीदवारों को शुगर मिल चुनावों में मिली अप्रत्याशित सफलता से अकाली-बसपा के साथ साथ कांग्रेस विरोधियों के भी हौसले बुलंद हुए हैं। विधानसभा चुनावों में अब सिर्फ अढ़ाई-तीन महीने का ही समय बचा है। ऐसे में साफ है कि सभी पार्टियों के नेता कमर कसने लगे हैं।

ये प्रत्याशी रहे विजेता

मिली जानकारी के अनुसार मिल के वीरवार को संपन्न हुए चुनावों में व्यक्तिगत जोन बलाचौर (1) से हरीपाल सिंह जाडली, जाडला (3) से कशमीर सिंह, नवांशहर (4) से मोहिंदर सिंह, राहों (8) से सोहण सिंह, जबकि कोऑपरेटिव सोसायटियों से संबंधित जोन नवांशहर (1) से चरनजीत सिंह औड़ (2) से गुरसेवक सिंह विजेता रहे हैं।

शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न

अकाली दल के बूथ पर जरनैल सिंह वाहिद, जत्थेदार गुरबख्श सिंह खालसा, पार्षद मक्खण सिंह ग्रेवाल, पार्षद परम सिंह खालसा, शंकर दुग्गल, रमनदीप सिंह थियाड़ा, हरबंस सिंह, मलविंदर महालों, कुलविंदर सिंगला, गिरीश मैहन, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनजिंदर वालिया, कुलजीत लक्की, सुनीता चौधरी, प्रितपाल करीमपुरी, प्रेम, रणजीत आनंद बसपा नेता रछपाल महालों, पार्षद गुरमुख नौरथ सहित अकाली व बसपा वर्कर मौजूद रहे। जबकि इस दौरान जिला योजना कमेटी के चेयरमैन सतवीर सिंह पल्ली झिक्की भी मौजूद रहे। आरओ भुपिंदर सिंह ने बताया कि 6 जोन में शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हुए हैं।

चरनजीत सिंह ने राणा कुलदीप को हराया

मिल चुनावों में सबसे हॉट सीट सोसायटियों के जोन नवांशहर की मानी जा रही थी जिस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राणा कुलदीप चुनाव मैदान में थे, जबकि उनके विरोध में अकाली समर्थित प्रत्याशी चरनजीत सिंह थे। राणा क्योंकि चेयरमैन पद के दावेदार माने जा रहे थे।

इस जोन की खास बात यह रही कि इस जोन पर वैलिड वोटरों की संख्या भी 100 के भीतर ही थी। जिसके चलते इस सीट पर जीत हासिल करने को अकाली नेता बड़ी जीत करार दे रहे हैं व जीत को विस चुनावों के साथ जोड़ कर शिअद-बसपा कैंडीडेट की जीत के साथ इस जोन की जीत को जोड़ कर देख रहे हैं।

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