किसानों को डर / प्रवासी मजदूरों के घर वापस लौटने से धान की बिजाई में पिछड़ेंगे, मुंह मांगे रेट दे रहे

Returning to the home of migrant laborers, they will fall behind in paddy sowing, asking for rates
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Returning to the home of migrant laborers, they will fall behind in paddy sowing, asking for rates

  • किसानों ने एडवांस पेमेंट देनी की शुरू, बोले- सरकार दे रही सूखे धान की बिजाई पर जोर

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 07:58 AM IST

कटारियां. कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन व कर्फ्यू के कारण रोजगार न मिलने के डर से अपने प्रदेशों को लौटे प्रवासी मजदूरों के कारण इस बार किसानों को धान की बिजाई में पिछड़ने का डर सताने लगा है। किसानों का कहना है कि धान की बिजाई ज्यादातर प्रवासी मजदूरों पर ही निर्भर करती है, इस कारण काफी किसानों ने अभी से ही स्थानीय मजदूरों को मुंह मांगें रेट पर एडवांस पैसे देने शुरू कर दिए हैं।

गांव लादियां में एकत्र हुए किसानों बलवंत सिंह, रणजीत सिंह मुत्ती, दलबीर सिंह, दलजीत सिंह जोशन, शमशेर सिंह, जसविंदर सिंह, वरिंदर सिंह, शविंदर सिंह आदि ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की कमी के कारण या फिर इस बीमारी से डर की वजह से लोग अपने-अपने राज्यों को चले गए हैं। अगर कर्फ्यू की अवधि में और बढ़ोतरी होती है तो किसानों को लेबर की कमी के कारण अपनी धान की बिजाई के लिए अधिक रेट देने के लिए मजबूर होना होगा।

किसानों को स्थानीय मजदूरों से महंगे भाव पर धान की बिजाई करवानी पड़ेगी। किसानों का कहना है कि सरकार उन्हें सूखे धान की बिजाई करने के लिए कह रही है लेकिन सूखी बिजाई की बहाई, खेत की लेजर करवाई स्प्रे आदि पर खर्च बहुत ज्यादा आता है और यह छोटे किसानों के हित में नहीं है, क्योंकि किसान तो पहले ही कर्ज के नीचे दबा हुआ है। 

8 घंटे निर्विघ्न बिजली दे सरकार : किसान 

क्षेत्र के किसानों ने पंजाब सरकार से मांग की कि किसानों को आठ घंटे निर्विघ्न बिजली सप्लाई दी जाए और नहरों में पानी भी छोड़ा जाए। इसके अलावा प्रवासी मजदूर, जोकि रोजगार न मिलने के कारण अपने राज्यों को जा रहे हैं, उनके रहने का प्रबंध पंजाब में किया जाए ताकि किसानों को धान की बिजाई में सबसे बड़ी मजदूरों की कमी से निजात मिल सके।

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