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दोआबा टैक्सी यूनियन ने जताया एतराज:15-20 साल से बस स्टैंड के पास टैक्सी स्टैंड चला रहे, डेली पर्ची सिस्टम नामंजूर

नवांशहर16 दिन पहले
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रोडवेज डिपो के पास चलने वाले टैक्सी स्टैंड की फीस का मामला 10 महीने बाद फिर गर्मा गया है। टैक्सी स्टैंड के इस पार्किंग स्थल में प्रति माह के हिसाब से ठेका लेने वाले टैक्सी चालकों का कहना है कि वे सालों से मासिक किराए के हिसाब से अपनी गाड़ियां पार्किंग में खड़ी करते आ रहे हैं और पर्ची सिस्टम या चार घंटे, आठ घंटे गाड़ी खड़ी करने के सिस्टम को वे नहीं मानेंगे।

बता दें कि पिछले साल नवंबर में भी ये मामला गर्माया था और तब अधिकारियों ने टैक्सी यूनियन की मांग मान ली थी, लेकिन अब एक बार फिर रोडवेज की ओर से इस जगह को खाली करवाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। इस मामले को लेकर यूनियन मेंबरों ने बैठक कर रोडवेज विभाग के अधिकारियों के साथ 10 महीने पहले हुए समझौते को रद्द करने का टैक्सी यूनियन सदस्यों ने एतराज जताया है और कहा कि अब वे किसी भी कीमत से नए फरमान को लागू नहीं होने देंगे। इस मौके पर जगतार सिंह, गोल्डी, परमार सिंह, सतनाम सिंह, राजू, इकबाल सिंह, दर्शन सिंह, तिरलोचन सिंह, हरकीरत सिंह, बब्बू आदि भी उपस्थित थेे।

यूनियन नेता बोले- पिछले 10 माह से रुपये 24 हजार मासिक के हिसाब से जमा करवा रहे

दोआबा टैक्सी यूनियन के नेता बलविंदर सिंह काला ने कहा कि रोडवेज प्रबंधन द्वारा टैक्सी स्टैंड पर प्रत्येक गाड़ी की पर्ची 25-30 रुपए काटने की बात कही जा रही है, जबकि वे पिछले 10 महीने से 24 हजार रुपए मासिक के हिसाब से पैसे जमा करवा रहे हैं। यूनियन नेताओं का कहना है कि वे पिछले करीब 15-20 सालों से बस स्टैंड के पास टैक्सी स्टैंड चला रहे हैं, जिसके तहत उनकी तरफ से प्रति माह एक तय राशि बस स्टैंड का प्रबंध करने वाले ठेकेदार को दी जाती थी। मगर अब उन्हें प्रति गाड़ी व घंटों के हिसाब से फीस देने को कहा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले किराया करीब 3 हजार रुपए प्रति महीना तय हुआ था, जो साल दर साल बढ़ कर 24 हजार हो गया।

सालों तक बस स्टैंड का कांट्रैक्ट ठेकेदार के पास रहा

सालों तक बस स्टैंड का कांट्रैक्ट ठेकेदार के पास रहा और ये किराया ठेकेदार एजेंसी को दिया जा रहा है। अब यह आदेश लगाया गया है कि हर गाड़ी को हर रोज 25-30 रुपए टैक्सी स्टैंड पर रोजाना टैक्सी खड़ी करने के एवज में देने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते उनका काम पहले ही आधे से कम रह गया है और आए दिन नए तरह के फरमान से वे पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर रोडवेज विभाग ने उनके साथ धक्केशाही करने की कोशिश की तो वे सड़क पर जाम लगाएंगे।

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