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धर्म-कर्म:कृष्ण पक्ष में 2 षष्ठी आने से इस साल 29 दिन का होगा सावन माह

नवांशहरएक महीने पहले
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  • 25 जुलाई से 22 अगस्त तक चलेगा श्रावन महीना, इस दौरान कांवड़ यात्रा का भी होता है विशेष महत्व

भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय माह सावन इस साल 29 दिन का ही रहेगा। हिंदू धर्म में सावन का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सावन महीने में पड़ने वाले सोमवार का खास महत्व है। कहा जाता है कि यह व्रत करने वालों पर महादेव विशेष कृपा बरसाते हैं। वहीं इससे मनचाहे जीवन साथी का भी आशीर्वाद मिलता है।

श्रावण में कृष्ण पक्ष की द्वितीया क्षय और शुक्ल पक्ष की नवमी क्षय है। लेकिन कृष्ण पक्ष में षष्ठी दो हो गई है। ऐसे में कृष्ण पक्ष पूरे 15 दिन का होगा, लेकिन शुक्ल पक्ष 14 दिन का ही रहेगा। इसलिए श्रवण की शुरुआत 25 जुलाई से होगी। वहीं, 13 अगस्त को नाग पंचमी का पर्व होगा और श्रवण की पूर्णिमा पर 22 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व रहेगा।

पंडित दिनेश मिश्रा व पंडित हर्षवर्धन ने बताया कि श्रावण तिथियों की घटने-बढ़ने के कारण 29 दिन ही श्रावण रहेगा। कृष्ण पक्ष की द्वितीया क्षय होगी और छठ बढ़ेगी तथा शुक्ल पक्ष में नवी क्षय होगी। 29 दिन श्रावण रहेगा। श्रावण शिव का प्रिय माह है, जिसमें शिव भक्त बाबा भोले नाथ की अलग-अलग तरीके से पूजा करते हैं। वहीं शहर के शिव भक्तों द्वारा शिवालिंग को फूलों, कलियों व बर्फ सहित कई तरह से श्रृंगार करते हैं।

वहीं सावन में ही कांवड़ यात्रा का भी विशेष महत्व होता है। सावन के महीने में हर साल कांवड़िए कांवड़ लेकर शिव के दर्शन के लिए बैद्यनाथ धाम जाते हैं। यहां के प्राचीन शिव मंदिर में स्थित मनोकामना शिवलिंग को द्वादश ज्योतिर्लिगों में सर्वाधिक महिमामंडित माना जाता है। मंदिर प्रबंधकों ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन ने फिलहाल मंदिरों को बंद करने का समय 6 बजे किया हुआ है। वहीं जैसे-जैसे श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी उसी तरह से पालना की जाएगी।
माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए पूरा माह किया था तप
भगवान शिव को पार्वती ने पति रूप में पाने के लिए पूरे सावन महीने में कठोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न हो भगवान शिव ने मनोकामना पूरी की। अपनी भार्या से पुन: मिलाप के कारण भगवान शिव को सावन का यह महीना अत्यंत प्रिय हैं। यही कारण है कि इस महीने कुंवारी कन्या अच्छे वर के लिए शिव पूजा करती हैं। यह भी मान्यता हैं कि सावन में भगवान शिव ने धरती पर आ ससुराल में विचरण किया था जहां अभिषेक कर उनका स्वागत हुआ था। इसलिए इस माह में अभिषेक का महत्व बताया गया हैं।

सावन में सोमवार व्रत रखने व भगवान शिव के पूजन से मिलेगा ये लाभ

  • सोमवार व्रत का संकल्प सावन में लेना सबसे उत्तम होता है। सावन के अलावा सोमवार का व्रत अन्य महीनों में भी किया जा सकता है।
  • कुंडली में आयु या स्वास्थ्य बाधा हो या मानसिक स्थितियों की समस्या हो इससे भी छुटकारा मिलता है।
  • सोमवार का दिन चन्द्र ग्रह का दिन होता है और चन्द्रमा के नियंत्रक भगवान शिव हैं इसलिए इस दिन पूजा करने से न केवल चन्द्रमा बल्कि भगवान शिव की कृपा भी मिल जाती है।
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