चीनी मिल पर 50 करोड़ बकाया:चीनी मिल के बाहर गन्ना किसान धरने पर बैठे बोले- चीनी बाहर जाने देंगे, लोगों को नहीं

नवांशहर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
चीनी मिल के बाहर दिए धरने में दोआबा किसान यूनियन नेताओं के साथ बातचीत करते हुए जीएम चीनी मिल। - Dainik Bhaskar
चीनी मिल के बाहर दिए धरने में दोआबा किसान यूनियन नेताओं के साथ बातचीत करते हुए जीएम चीनी मिल।
  • किसानों ने की नारेबाजी, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

गन्ना किसानों ने दोआबा किसान यूनियन की अगुवाई में यहां चीनी मिल के बाहर बीते सीजनों के करीब 50 करोड़ रुपए बकाया को लेकर पक्का धरना शुरू कर दिया है। यहां धरने के दौरान िकसानों ने मांगों के संबंध में नारेबाजी की व जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी भेजा है। जानकारी देते हुए दोआबा किसान यूनियन नेता अमरजीत सिंह व कुलदीप सिंह ने बताया कि चीनी मिल पर गन्ना किसानों का बीते सीजनों व हाल ही में खत्म हुए सीजन का करीब 50 करोड़ रुपए का बकाया है। मगर चीनी मिल द्वारा यह बकाया नहीं दिया जा रहा। जब भी किसानों द्वारा मांग की जाती है तो मिल प्रबंधन यही कहकर उन्हें टाल देता है कि चीनी बिकने व सरकार द्वारा राशि जारी होने पर उन्हें बनता बकाया जारी कर दिया जाएगा।

मगर हर बार न तो किसानों को कोई बकाया जारी होता है और न ही यह बताया जाता है कि जो चीनी बिकी उससे आई राशि किसानों को क्यों जारी नहीं की गई, जिसके चलते गन्ना किसान परेशान हैं और मजबूरन उन्हें धरना देना पड़ रहा है।

जीएम से हुई बात- नहीं निकला कोई हल

यूनियन ने कहा कि मिल में पड़ी चीनी की बिक्री पर उनके इस एक्शन का कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। सिर्फ चीनी की मूवमेंट होती रहेगी, जबकि इसके अलावा मिल में किसी भी तरह की कोई मूवमेंट नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान यूनियन प्रतिनिधियों के साथ मिल प्रबंधन के जीएम द्वारा भी बातचीत कर मसले का हल निकालने की कोशिश की गई, मगर बातचीत के जरिए भी कोई हल नहीं निकल पाया। इस मौके पर मलकीत, रणजीत सिंह, अवतार सिंह, जसविंदर सिंह, बहादुर सिंह, मुख्तयार सिंह सहित अन्य किसान भी मौजूद रहे।

यूनियन की चेतावनी- जब तक मसले का स्थायी हल न हुआ मिल गेट के बाहर जारी रखेंगे धरना

दोआबा क्षेत्र में किसानों के पास अधिक जमीन नहीं है, जिसके चलते किसानों द्वारा ठेके पर लेकर जमीन पर खेती की जाती है। ऐसे में अगर मिल द्वारा उन्हें राशि जारी नहीं की गई तो वे कैसे ठेके की राशि अदा कर पाएंगे और कैसे अपने अन्य कार्य कर पाएंगे। इसलिए यूनियन ने यह फैसला किया है कि जब तक मसले का कोई स्थाई हल नहीं निकलता, तब तक किसान मिल के गेट के आगे धरना देंगे। मिल में न किसी को आने देंगे और न ही यहां से किसी को बाहर जाने देंगे।

दो सप्ताह पहले किया था चंडीगढ़ चौक जाम

नवांशहर के किसान गन्ने की बकाया राशि को लेकर पिछले काफी समय से पंजाब सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। कई बैठकों में ज्ञापनों के बाद किसानों ने दोआबा किसान यूनियन व किरती किसान यूनियन के झंडे तले 12 अप्रैल को चंडीगढ़ चौक पर जाम लगाते हुए सरकार व मिल प्रबंधन को चेतावनी दी थी, मगर इस दौरान किसानों की समस्या का हल नहीं हुआ, तो उन्होंने बुधवार को मिल के बाहर धरना शुरू कर दिया।

खबरें और भी हैं...