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शहनाइयां बजेंगी:हिंदू धर्म की मान्यता, शुभ मुहूर्त पर शादी करने से जीवन रहता है सुखद

नवांशहर8 दिन पहले
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  • 15 जुलाई तक है शादी के लिए 16 शुभ मुहूर्त फिर नवंबर में शुरू होगा शादियों का सीजन

हिंदू धर्म में शादी समारोह और दूसरे शुभ काम हमेशा मुहूर्त देखकर ही किए जाते हैं। शुभ घड़ी देखकर यदि विवाह संपन्न होता है तो जीवन में कोई विपत्ति नही आती है। कोई भी शुभ काम करने से पहले ग्रहों की अनुकूल दशा को बहुत महत्व दिया जाता है। ऐसे में अगर ग्रहों की स्थिति ठीक न हो तो किसी भी तरह का शुभ काम नहीं करना चाहए।

हिंदू धर्म में शादी-विवाह बिना शुभ मुहूर्त के होना तो संभव ही नहीं है। लॉकडाउन के कारण समाज का एक बड़ा वर्ग प्रभावित है। ज्येष्ठ महीना चल रहा है यानि देश में अभी गर्मियों के मौसम के दौरान शादियों का समय चल रहा है। लेकिन कोरोना के कारण शादियों में पहले जैसी रौनक नहीं है। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त अप्रैल महीने से शुरू हो गए थे। परंतु कोरोना की दूसरी लहर के चलते अप्रैल और मई में शादियां प्रभावित हुईं। ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य होगा।

शादी के लिए आखिरी शुभ मुहूर्त 15 जुलाई तक है। इसके बाद शादी विवाह के कार्यक्रमों पर रोक लग जाएगी। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवशयानी एकादशी के बाद सभी देव शयन योग में चले जाएंगे और फिर नवंबर के महीने में देवउठनी एकादशी से शादियों का सीजन फिर से शुरू हो जाएगा।

जुलाई में भगवान विष्णु शयन में चले जाएंगे, मांगलिक कार्यों में लग जाएगी रोक

जून महीने में 6, 18, 19, 20, 21, 24, 26, 27, 28, 30 आदि को शादी के शुभ मुहूर्त हैं। इसके अलावा जुलाई के 1, 2, 3, 4, 6, 15 दिन शुभ रहेंगे। जुलाई में भगवान विष्णु शयन में चले जाएंगे। जिस कारण मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। देवशयानी एकादशी 20 जुलाई को है, जिसमें सभी देव शयन योग में चले जाएंगे और फिर नवंबर महीने में देव उठनी एकादशी से शादियों का सीजन फिर से शुरू हो जाएगा। शयन योग में चले जाने के कारण विवाह शादियों के शुभ कार्य बंद हो जाएंगे।

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