हड़ताल:रोडवेज के पनबस कर्मियों की हड़ताल आठवें दिन में प्रवेश, बोले- कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने और अन्य मांगें माने जाने तक करेंगे संघर्ष

नवांशहरएक महीने पहले
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  • हड़ताल के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा

पंजाब रोडवेज पनबस व पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की ओर से अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में शुरू की गई आनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रही। इस दौरान यूनियन सदस्यों ने रोडवेज दफ्तर के आगे धरना लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकारी बसों की संख्या 10 हजार करने व कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की मांग की। हड़ताल के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्राइवेट बसों में खासी भीड़ रही।

उधर, रोडवेज कर्मचारियों का धरना जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रधान हरदीप सिंह काहलों, जनरल सेक्रेटरी अशोक कुमार रोड़ी, सहायक कैशियर सोहन लाल ने कहा कि कच्चे मुलाजिमों के पास संघर्ष करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। पूरे पंजाब को ट्रांसपोर्ट की सहूलत देने के लिए पनबस व पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिम वचनबद्ध हैं। प्रेस सेक्रेटरी सुलक्षण सिंह ने कहा कि एक और तो सरकार घर-घर रोजगार देने की बात कर रही है। दूसरी ओर अपने रोजागर को रेगुलर करवाने की मांग के लिए संघर्ष कर रहे मुलाजिमों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इस मौके पर सीटीयू के प्रधान महा सिंह रौड़ी, बलवीर जाडला, चरनजीत कौर, मुकंद लाल, सुरेश मंगा, परमजीत, अजैब सिंह, गुरनेक सिंह, सोढी, रजत सिंह आदि मौजूद रहे। मुलाजिमों ने मांग की कि कच्चे मुलाजिमों को पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी में बिना शर्त पक्का किया जाए। पंजाब रोडवेज में सरकारी बसों की संख्या 10 हजार की जाए। गलत कंडीशनें लगाकर ड्यूटी से निकाले कच्चे मुलाजिमों को बहाल किया जाए और कंडीशनों को रद्द किया जाए।

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