धूप में खड़े होने को मजबूर:सीएसडी कैंटीन में शराब सप्लाई व सुविधाओं को लेकर हंगामा

नवांशहर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पूर्व सैनिक बोले- धूप में खड़े होने को मजबूर, शैड तक नहीं है, अब छुट्‌टी के चलते इस महीने का नहीं मिलेगा कोटा

बंगा रोड पर स्थित सीएसडी कैंटीन में लिक्कर (शराब) सप्लाई को लेकर हंगामा हो गया। मामला प्रशासन के ध्यान में आया तो मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच गए। मगर खबर लिखे जाने तक मामले को लेकर कोई हल नहीं निकल पाया था। यहां मौजूद पूर्व सैनिकों ने बताया कि कैंटीन में 12 अप्रैल के बाद लिक्कर की सप्लाई नहीं हुई, जबकि महीने के आखिर में 27 अप्रैल को जानकारी मिली कि लिक्कर आ गया है, जिसे संबंधित लोग ले सकते हैं। मगर लोग 28 अप्रैल को आए तो यहां एक ही काउंटर पर लिक्कर मिल रहा था।

पूर्व फौजियों का कहना है कि लिक्कर अगर उन्हें 28 को नहीं मिला तो 29 व 30 अप्रैल को कैंटीन बंद रहती है। ऐसे में उनका महीने का कोटा डेड हो जाएगा। मगर वे चाहते हैं कि उन्हें कैंटीन से उनका बनता अप्रैल महीने का कोटा मिले। यहां मौजूद पूर्व सैनिकों ने कहा कि पूर्व सैनिकों को लिक्कर लेने के लिए कड़ी धूप में खड़ा होना पड़ रहा है। यहां न तो सही से कोई व्यवस्था है और न ही टोकन ही सही से जारी किए गए हैं, जिसके चलते पूर्व सैनिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैंटीन में पूरी तरह अव्यवस्था का माहौल है। बुजुर्गों को अपनी बारी का कड़ी धूप में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि यहां अगर आउटडोर काउंटर लगाना था तो प्रबंधकों को बाहर छांव का इंतजाम करना चाहिए था। इसके अलावा काउंटरों की संख्या बढ़ानी चाहिए थी, ताकि लोगों को परेशानी न हो। एक तरफ लोग कोरोना से लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्व सैनिकों को खड़े होने के लिए भी कोई सही जगह नहीं है। इसके लिए प्रबंधन को पहले से ही ध्यान देना चाहिए था।

जल्द ही शैड डाला जाएगा

कैंटीन मैनेजर कुलविंदर सिंह ने कहा कि कैंटीन के पास करीब 9 हजार कार्डधारक हैं। बुधवार को गढ़शंकर तहसील से संबंधित पूर्व सैनिकों की बारी थी। मगर लिक्कर क्योंकि मंगलवार को ही आया है, इसलिए जो लोग लिक्कर लेकर नहीं गए थे वे अब एकदम से लिक्कर लेने आ गए हैं, क्योंकि कैंटीन के पास सीमित स्टाफ है, इसलिए ग्रोसरी के लिए स्टाफ को अलग बैठाया गया है व लिक्कर के लिए आउटडोर विंडो खोली गई है। जबकि लिक्कर विंडो के ऊपर शैड डालने की प्रपोजल है, मगर गर्मी एकदम से बढ़ गई है और लोग भी 28 को ही आ गए, जिसके चलते यह कार्य रोकना पड़ा है। जल्द ही नियमानुसार शैड डाला जाएगा, जबकि उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी, ताकि 29 को भी कैंटीन खुली रखी जा सके।

खबरें और भी हैं...