निगम की लापरवाही:बजट में सीवरेज के लिए 10 करोड़, योजना नहीं तैयार, 7 हफ्ते बाद जलभराव से जूझेगा शहर

जालंधर10 दिन पहले
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  • सरफेस वाटर प्रोजेक्ट के लिए सड़कें खोदीं, हालत होगी खराब

नगर निगम के बजट में सिटी में 1600 किलोमीटर छोटे-बड़े सीवरेज लाइनों वाले सिस्टम की मेंटेनेंस के लिए 10 करोड़ रुपए का फंड रखा है, लेकिन खर्चने की योजना नहीं बनी है। बरसाती सीजन सिर पर है और निगम ने इसे लेकर कोई तैयारी शुरू नहीं की है। काला संघियां ड्रेन की सफाई नहीं करवाई गई। इकहरी पुली में पंपिंग स्टेशन का निर्माण लटक गया है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि पानी की पाइप डालने के लिए 25 किलोमीटर मेन रोड खोद रखी है, उसका निर्माण नहीं हो रहा है।

ऐसे में जून की प्री मानसून में ही बड़ी समस्या हो सकती है।जालंधर में मानसून जुलाई के पहले हफ्ते में अता है, जबकि 15 जून के बाद प्री मानसून के असार बन जाते हैं। इस बार मौसम विभाग ने समय पर मानसून के आसार जता दिए हैं, लेकिन अभी तक निगम अलर्ट पर नहीं आया है। ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस ब्रांच की पहली मीटिंग तक बरसात से पहले की तैयारियां नहीं हुई हैं। निगम के जानकार बताते हैं कि वैसे हर साल मार्च-अप्रैल में ही बरसात से पहले रोड गलियों-सीवरेज-पंपिंग स्टेशनों की मेंटेनेंस के पैसे खर्च करने का प्रस्ताव तैयार किया जाता है, लेकिन इस बार सत्ता परिवर्तन व चुनावी दौर में नगर निगम ने कोई योजना नहीं बनाई। इसके उलट चुनाव से पहले इकहरी पुली में पानी भरने से रोकने को पंपिंग स्टेशन बनाने की योजना तैयार की थी, वह भी कागजों में अटक गई है। इसका कारण है कि जिस जमीन पर पंपिंग स्टेशन बनना था, उस पर स्थानीय लोगों ने एतराज जताया, इसका हल निगम नहीं निकाल पाया है। इस बारे में मेयर जगदीश राज राजा ने कहा कि जल्द ही बरसाती सीवरेज को लेकर सफाई संबंधी बैठक बुलाने जा रहे हैं। सोमवार से सभी प्रोजेक्टों की विस्तार से जानकारी लेंगे। काला संघियां ड्रेन की सफाई पर भी चर्चा करेंगे। वहीं, भाजपा कौंसलर वरेश मिंटू ने कहा कि पिछले सीजन में छोटी फॉगिंग मशीनें काम कम दे रही थीं, जबकि बड़ी मशीनें काम ही नहीं कर रही थीं। इसलिए अभी से फॉगिंग को लेकर निगम तैयारी फाइनल करे।

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