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कोरोना अपडेट:10 मरीजों की मौत, 215 नए संक्रमित; बढ़ रही मौतों पर कमेटी ने किया रिव्यू- देर से अस्पताल पहुंचना घातक हो रहा

जालंधर5 महीने पहले
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डीसी कांप्लेक्स में मीटिंग दौरान डीसी घनश्याम थोरी और सेहत विभाग की अधिकारी। - Dainik Bhaskar
डीसी कांप्लेक्स में मीटिंग दौरान डीसी घनश्याम थोरी और सेहत विभाग की अधिकारी।
  • मृतकों का आंकड़ा 223 और संक्रमितों की गिनती हुई 8466, मरने वालों में ज्यादातर शुगर और ब्लड प्रेशर रोगी
  • कमेटी की सलाह- दो-तीन दिन लगातार लक्षण दिखें तो अस्पताल में जरूर जांच करवाएं

सिविल सर्जन दफ्तर की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को कोरोना से जिले में 10 लोगों की मौत हो गई। वे सिविल अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में उपचाराधीन थे। इसके साथ मृतकों का आंकड़ा 223 तक पहुंच गया है। इसके अलावा जिले में 215 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई है। इनमें से 12 बाहरी जिलों के रहने वाले हैं। बता दें कि बुधवार तक जिले में कुल संक्रमित 8466 हो गए हैं। उधर, बुधवार को जिले में कोरोनावायरस से हुई मौतों का रिव्यू किया गया, जिसमें पटियाला मेडिकल काॅलेज के एचओडी (चेस्ट) डॉ. विशाल चोपड़ा और पीजीआई चंडीगढ़ की एमडी एनेस्थिसिया एंड एसोसिएट प्रो. डॉ. कमल काजल ने सिविल अस्पताल और प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों के साथ लेवल-3 के मरीजों के इलाज के लिए रणनीति बनाई। एक्सपर्ट्स ने कहा कि जिले में कोरोना से मरने वालों की हिस्ट्री देखी जाए तो ज्यादातर मरीज ब्लड प्रेशर और शुगर से पीड़ित थे। 25 ऐसे मरीज थे, जिन्हें किडनी रोग के अलावा कई अन्य रोग भी थे। इसी कारण उनकी रिकवरी नहीं हो पाई। वहीं स्टेट डेथ रिव्यू कमेटी के डॉक्टरों ने सरकारी और प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों से अपील की है कि लेवल-3 के मरीजों को वेंटिलेटर पर डालने से पहले कोशिश करें कि उन्हें एचएफएनओ यानी हाई फ्लो नेजल ऑक्सीजन पर रखें ताकि उनकी रिकवरी जल्द हो सके।

कमेटी की सलाह- दो-तीन दिन लगातार लक्षण दिखें तो अस्पताल में जरूर जांच करवाएं

पीजीआई और मेडिकल कॉलेज पटियाला के मेडिकल एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोनावायरस से होने वाली मौत दर को अगर कम करना है तो बीमार लोगों का टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है। लक्षण आने पर जितनी जल्दी लोग घरों से अस्पताल पहुंचेंगे, उतनी ही जल्दी उन्हें बचाया जा सकेगा। सेहत विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में शुरुआती दिनों में जिन लोगों को मौत 24 घंटे से 72 घंटे के बीच में हुई है, वे लक्षण आने पर खुद ही दवाएं लेते रहे और अस्पताल तब पहुंचे, जब उनकी हालत काफी खराब हो चुकी थी।

हालांकि पिछले 1 महीने में ऐसे लोगों की मौत दर में गिरावट भी आई है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि जिन मरीजों को शुगर, बीपी के अलावा अन्य कोई भी बीमारी है, वह खुद दवाएं न लें और तुरंत कोरोना टेस्ट करवाएं। बता दें सिविल अस्पताल में पिछले 20 दिनों में हाई फ्लो मशीन के जरिये 10 से अधिक मरीजों की जान बचाई जा चुकी है।

अस्पतालों को हिदायत- मरीज की हालत गंभीर होने पर दूसरे अस्पताल में न करें शिफ्ट
रिव्यू कमेटी की मीटिंग के दौरान सरकारी अस्पतालों और प्राइवेट अस्पतालों को कमेटी के सदस्यों ने अपील की है कि इलाज के दौरान कोरोना मरीजों की हालत खराब होने पर उन्हें दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट न करें। पिछले दिनों में जिला प्रशासन के पास ऐसी शिकायतें भी आई थीं, जब मरीज के परिजनों के पास पैसे खत्म हो गए तो मरीज को तुरंत सरकारी अस्पताल में ले जाने के लिए दबाव बनाया जाता है। जब मरीज अस्पताल में पहुंचाता है तो डॉक्टर उसकी मेडिकल हिस्ट्री समझने में असमर्थ रहे और इलाज पूरा न होने के कारण मरीज की जान चली गई। जिला प्रशासन की दखल के बाद अब ऐसे मामले कम हुए हैं।

राहत की बात: ज्यादातर मरीजों का इलाज जिले में ही हो रहा
जिला प्रशासन की तरफ से पिछले तीन महीनों में सिविल अस्पताल में इंफ्रास्ट्रक्टर को लेकर काफी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। इसके चलते एक महीने से सिविल अस्पताल से कोरोनावायरस के गंभीर मरीजों को दूसरे जिलों के अस्पतालों में रेफर कम किया जा रहा है। मंगलवार तक की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के सरकारी अस्पताल में 32% फीसदी और प्राइवेट अस्पताल में 40% मरीजों ने दम तोड़ा है। वहीं 28% मरीजों की मौत जिले के बाहर के अस्पतालों में हुई है। ज्यादातर मरीज जिले में ही उपचाराधीन हैं।

डीसी कांप्लेक्स में कोविड टेस्ट

सरकार ने प्रति एक लाख आबादी के पीछे 31 हजार लोगों के टेस्ट करने का टारगेट रखा है लेकिन सरकार की अपील की बावजूद लोग टेस्ट कराने से हिचकिचा रहे हैं क्योंकि हर कोई क्वारेंटाइन पीरियड नहीं काटना चाहता। इस बीच डीसी दफ्तर में ‌विभिन्न कामों के लिए आने वाले लोगों के कोविड टेस्ट किए गए, जिसके बाद वे आगे अपना कामकाज कराने गए। इस दौरान कई लोग टेस्ट होते देख दूर से ही लौट गए। उधर, अधिकारी बता रहे हैं कि अभी तक 62 हजार से अधिक लोगों की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव रही है। टेस्ट करने से वायरस का असर समझने में मदद मिलती है। वायरस लोड का ट्रैंड भी पता चलता है।
जिले में अब रात 9 बजे तक खुल सकेंगी दुकानें और धार्मिक स्थल
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की शनिवार का लाॅकडाउन खत्म करने, रात का कर्फ्यू 9:30 बजे लगाने और 9 बजे तक दुकानें खोलने की घोषणा के बाद बुधवार को डीसी घनश्याम थोरी ने इस व्यवस्था का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। रविवार को केवल जरूरी सामान की दुकानें खोली जाएंगी। नगर निगम एरिया में शाम 6:30 बजे मार्केट बंद हो रही थीं। नए आदेशानुसार रात 9 बजे तक दुकानें बंद होंगी। धार्मिक स्थान, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, माॅल आदि रात 9 बजे तक खुलेंगे। सामाजिक समारोहों और यात्राओं को लेकर व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं है।

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