कोरोना से राहत:112 साल की बुजुर्ग कोरोना से जीतीं, ठीक होकर घर लौटीं, एमएसआई-सी के 11 में से 6 बच्चे भी ठीक हुए

जालंधर5 महीने पहले
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112 साल की महिला के डिस्चार्ज के दौरान अस्पताल के डॉ. भूपिंदर सिंह, डॉक्टर सुरजीत सिंह और अन्य स्टाफ के सदस्य। - Dainik Bhaskar
112 साल की महिला के डिस्चार्ज के दौरान अस्पताल के डॉ. भूपिंदर सिंह, डॉक्टर सुरजीत सिंह और अन्य स्टाफ के सदस्य।
  • 113 नए संक्रमित आए, जबकि 250 मरीज ठीक होकर घर लौटे, 4 की मौत
  • कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी- सिविल अस्पताल का फ्लू कॉर्नर टीबी वार्ड में होगा शिफ्ट, नर्सों को बच्चों के इलाज की ट्रेनिंग शुरू

कोरोना का ग्राफ घट रहा है। सोमवार को जिले में 113 नए मरीज आए, जबकि 250 ठीक भी हुए हैं। इनमें सिविल अस्पताल से सोमवार को ठीक होने वाली 112 साल की बुजुर्ग भी शामिल हैं। उनका 10 दिन यहां इलाज चला।

सिविल अस्पताल के लेवल-2 के इंचार्ज डॉक्टर भूपिंदर सिंह ने बताया कि बुजुर्ग महिला के इलाज के दौरान कोई दिक्कत नहीं आई। इसका कारण था कि महिला को कोरोना के अलावा कोई बीमारी नहीं थी।

जब उन्हें अस्पताल में लाया गया तो उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। कोविड के स्टेंडर्ड प्रोटोकॉल के तहत ही उनका इलाज हुआ और स्टेरॉयड भी दिए गए। उधर, 4 मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इनमें दो मरीज सिटी और दो देहात में रहने वाले थे। सभी की उम्र 45 से 69 साल के बीच थी। अब तक जिले में 61313 लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 1413 दम तोड़ चुके हैं।

दूसरी तरफ सिविल सर्जन दफ्तर में आईडीएसपी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के 5 नए मामले सामने आए हैं। जिनमें से तीन को ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है, जबकि दो का संदिग्ध मानकर इलाज किया जा रहा है। इनमें से एक जिले में रहने वाला है। अब तक जिले में ब्लैक फंगस के 65 मरीज आ चुके हैं।

नई व्यवस्था : सिविल में एमआरआई मशीन लगेगी

सिविल अस्पताल में एमआरआई मशीन लगने जा रही है। फ्लू काॅर्नर को टीबी वार्ड में शिफ्ट करने की योजना भी बनाई जा रही है। अस्पताल की मैनेजमेंट का कहना है कि प्राइवेट कंपनी अस्पताल में एमआरआई की सारी प्रक्रिया पूरी करेगी।

जबकि अस्पताल रेडियोलॉजी विभाग के अधीन है, उसके तहत ही व्यवस्था होगी। बता दें कि सिविल में सीटी स्कैन, एमआरआई के अलावा अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा मरीजों को दी जा रही है।

बच्चों में पाई जा रही कोरोना की एंटीबाॅडी

कोरोना के पोस्ट इफेक्ट में आने वाले बच्चों को मल्टी सिस्टम इंफ्लामेट्री सिंड्रोम इन चिल्ड्रन की पुष्टि हो रही है। शहर में बच्चों के दो प्राइवेट अस्पतालों में 11 बच्चे रिपोर्ट हुए हैं। इनमें से दो का इलाज चल रहा है, जबकि 2 अन्य अस्पतालों में रेफर हुए है।

एक बच्चे को माता-पिता डिस्चार्ज करवाकर ले गए थे। 6 बच्चे ठीक हो चुके हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले बच्चों में कोरोना की एंटीबॉडी पाई गई है, जबकि एक बच्चे को कोविड की पुष्टि हुई है। सिविल में बच्चों के इलाज के नोडल अफसर डॉ. साहिल विकास का कहना है नर्सिंग स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए 10 नर्सों को ट्रेनिंग देने का प्लान तैयार किया गया है।

बच्चों के इलाज की समीक्षा करने सिविल में पहुंचीं फैमिली वेलफेयर की डॉयरेक्टर

​​​​​​​तीसरी लहर में बच्चों के इलाज के लिए तैयार रहें : डॉ. कंग

​​​​​​​कोरोना से बच्चे संक्रमित होते हैं तो उनके इलाज की व्यवस्था देखने के लिए सोमवार को सुबह डायरेक्टर सर्विसेज फैमिली वेलफेयर डाॅ. आदेश कंग सिविल अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल की एमएस डॉ. सीमा, बच्चों के माहिर डॉक्टर और नोडल अफसर के साथ बच्चों के इलाज की स्थिति जानी। उन्होंने तीसरी लहर में बच्चों के इलाज के लिए तैयारी पूरी रखने और जरूरी दवा व मेडिकल यंत्र की सूची भेजने के लिए कहा।

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