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रियल्टी चेक:21 जिलों में 15738 बच्चे हुए संक्रमित, 34 की जान गई; सिर्फ 3 जिलों में बच्चों के लिए आईसीयू, 4 में वेंटिलेटर

जालंधर12 दिन पहले
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तीसरी लहर से बच्चों को डराना नहीं, बचाना है - Dainik Bhaskar
तीसरी लहर से बच्चों को डराना नहीं, बचाना है
  • पंजाब में तीसरी लहर आई तो हालात होंगे मुश्किल, क्योंकि तैयारी पूरी नहीं

कोरोना के इलाज में जुटे विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर और अक्टूबर में कोरोना की तीसरी लहर आनी संभावित है, जो कि बच्चों के लिए घातक हो सकती है। इसके लिए एक्सपर्ट्स ने सरकार और प्रशासन को अभी से ही जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी करने की हिदायत दी है।

भास्कर की विशेष मुहिम ‘तीसरी लहर से बच्चों को डराना नहीं बचाना है’ के तहत पंजाब के 21 जिलों की पड़ताल की गई और जानना चाहा कि सरकारी सिस्टम तीसरी लहर का मुकाबले के लिए कितना तैयार है? तो पता चला कि सूबे के 21 जिलों में कोरोना की पहली और दूसरी लहर में 18 साल से कम उम्र के 15738 बच्चे संक्रमित हुए। इनमें से करीब 4 हजार बच्चे 25 प्रतिशत को अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा। हालांकि, इस दौरान 34 बच्चों की मौत हुई और 15035 बच्चों ने कोरोना पर विजय भी प्राप्त की।

सबसे ज्यादा मौतें लुधियाना में हुईं जहां पर 10 बच्चों ने दम तोड़ा। इसके बाद फिरोजपुर (5), अमृतसर (4), बठिंडा (4), पटियाला (3), बरनाला (2), फतेहगढ़ साहिब (2) और कपूरथला, मोगा, फरीदकोट और गुरदासपुर में क्रमश: 1-1 बच्चों की मौत हुई।

बात अगर आईसीयू की करें तो केवल 3 जिले लुधियाना, पटियाला और अमृतसर में ही बच्चों के लिए आईसीयू और सिर्फ 4 जिलों जालंधर, लुधियाना, पठानकोट और पटियाला में ही वेंटिलेटर की सुविधा है। साल के अंत तक तीसरी लहर की संभावनाएं जताई जा रही, लेकिन पंजाब में संक्रमित बच्चों को लेकर फिलहाल कोई रोड मैप तैयार नहीं है। इससे सवाल ये खड़ा हो रहा है कि अगर महामारी फैली तो संभलना मुश्किल हो जाएगा।

बड़ी चिंता

सिर्फ बठिंडा में बच्चों के लिए एक एंबुलेंस

सूबे में बच्चों को अस्पताल ले जाने के लिए अलग से एक भी एंबुलेंस नहीं है। सिर्फ बठिंडा जिले में एक एंबुलेंस है। हैरानी वाली बात यह रही कि 4 प्रमुख जिले जालंधर, लुधियाना, अमृतसर. पटियाला में बच्चों के लिए अलग से एंबुलेंस की कोई सुविधा नहीं है। इमरजेंसी पर बच्चों को सामान्य एंबुलेंस में ही अस्पताल ले जाया जाता है।

पटियाला में सबसे ज्यादा 21 वेंटिलेटर

दूसरी लहर में कई मरीजों ने वेंटिलेटर सुविधा के अभाव में दम तोड़ा था। ऐसे में तीसरी लहर में बच्चों के लिए पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर सुविधा मुहैया हो इसके लिए भास्कर ने अस्पतालों की पड़ताल की तो पता चला सिर्फ 4 जिले पटियाला(21), जालंधर(18), लुधियाना(9), पठानकोट(1) में वेंटिलेटर की सुविधा है।

संक्रमित बच्चों को लेकर कोई रोड मैप तैयार नहीं
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