पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • 161 Fake Cards, Laptops And Printers Of Ayushman Bharat Scheme Recovered; The Father son Duo Of Amritsar, Running Fake Fraud, Arrested

फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने का खुलासा:500 से 1500 रुपये लेकर बनाते थे कार्ड, बाप-बेटे को पुलिस ने जालंधर के सिविल अस्पताल से दबोचा, मरीजों को फंसा रहे थे जाल में

जालंधर4 महीने पहले
पुलिस गिरफ्त में पकड़े गए आरोपी बाप-बेटा व उनसे बरामद सामान।

5 लाख तक की कैशलेस इलाज वाली आयुष्मान भारत स्कीम के नाम पर बाप-बेटे फर्जी कार्ड बना रहे थे। इसका खुलासा तब हुआ, जब कमिश्नरेट पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन यूनिट ने जालंधर के सिविल अस्पताल में लोगों को झांसे में लेने की कोशिश में जुटे इस बाप-बेटे को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उनसे 161 फर्जी आयुष्मान कार्ड और उन्हें बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा लैपटॉप व प्रिंटर बरामद हो गया। DCP इन्वेस्टिगेशन गुरमीत सिंह के मुताबिक इन आरोपियों ने जालंधर के अलावा अमृतसर व तरनतारन में लोगों के फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर दिए थे। यह कार्ड उन लोगों को दिए गए, जो स्कीम के लाभ के दायरे में नहीं आते थे।

आरोपियों से बरामद फर्जी कार्ड व उन्हें बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा लैपटॉप व प्रिंटर
आरोपियों से बरामद फर्जी कार्ड व उन्हें बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा लैपटॉप व प्रिंटर

जालंधर सिविल अस्पताल में घूम रहे थे बाप-बेटे

स्पेशल ऑपरेशन यूनिट (SOU) के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार ने बताया कि उन्होंने सिविल अस्पताल में नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान शक होने पर वहां से अमृतसर के अजनाला स्थित गोपाल नगर के सतपाल और उसके बेटे अनमोल को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उनकी तलाशी ली तो उनके कब्जे से 63 जाली आयुष्मान स्कीम के सेहत बीमा योजना कार्ड बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक आरोपी बाप-बेटे वहां भर्ती गरीब लोगों को झांसे में फंसाने की फिराक में घूम रहे थे।

पूछताछ के बाद बरामद हुआ कार्ड छापने का सामान

पुलिस ने बाप-बेटे से पूछताछ की और फिर उनके ठिकाने पर रेड कर उनके कब्जे से कुल 161 जाली आयुष्मान कार्ड बरामद किए। इसके अलावा फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक लैपटॉप व एक प्रिंटर भी बरामद कर लिया गया।

बेटे ने किया था कंप्यूटर काेर्स, पहले एजेंसी ली और फिर छापने लगे फर्जी कार्ड

पुलिस पूछताछ में सतपाल ने बताया कि वह अमृतसर में किराने की दुकान चलाता है। उसके बेटे अनमोल ने साल 2019 में बारहवीं के बाद कंप्यूटर कोर्स किया था। इसके बाद उन्होंने आयुष्मान भारत स्कीम के तहत कार्ड बनाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के तहत एजेंसी ली थी। पहले वह ओरिजनल कार्ड ही बनाते थे। नीले कार्ड होल्डरों के आयुष्मान कार्ड बनाने के बदले उन्हें 50 रुपए मिलते थे। हालांकि इसके बाद उनका लालच बढ़ता गया। उन्होंने असली काम तो बंद कर दिया लेकिन फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने शुरू कर दिए। फर्जी कार्ड बनाने के लिए एक कार्ड के बदले वो 500 से 1500 रुपए वसूल करते थे।

सैकड़ों लोगों को ठग चुकी बाप-बेटे की जोड़ी

शुरूआती पूछताछ में आरोपियों के सैकड़ों लोगों के साथ जाली कार्ड बना ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने किन-किन लोगों के जाली कार्ड बनाए और इसका कहीं इस्तेमाल तो नहीं हुआ, इसके बारे में उनसे पूछताछ की जा रही है।

खबरें और भी हैं...