पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • 17 Thousand Doses Were Taken In A Single Day; Vaccination Centers Will Remain Closed Till New Stock Arrives, How To Deal With The Threat Of Third Wave

जालंधर में आज नहीं लगेगी वैक्सीन:17 हजार डोज एक ही दिन में लगी; नया स्टॉक आने तक बंद रहेंगे वैक्सीनेशन सेंटर, तीसरी लहर के खतरे से कैसे निपटेंगे

जालंधर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जालंधर में बुधवार को सिविल अस्पताल स्थित वैक्सीनेशन सेंटर में वैक्सिंग लगवाने के लिए जुटी भीड़। - Dainik Bhaskar
जालंधर में बुधवार को सिविल अस्पताल स्थित वैक्सीनेशन सेंटर में वैक्सिंग लगवाने के लिए जुटी भीड़।

जालंधर में आज कहीं भी कोविड वैक्सीन नहीं लगेगी। सेहत विभाग के पास मंगलवार देर शाम कोविशील्ड की 17‌ हजार डोज आई थी, जो बुधवार को ही लग गई। इसके बाद वैक्सीन का नया स्टॉक नहीं मिला है। जिस वजह से गुरुवार को वैक्सीनेशन का काम ठप रहेगा। इस हफ्ते के बचे दिनों में भी वैक्सीन का स्टॉक आने की उम्मीद कम ही है, जिस वजह से लोगों को कोविड वैक्सीन के लिए फिर से इंतजार करने को मजबूर होना पड़ेगा। बड़ा सवाल यह है कि कोविड वैक्सीन को लेकर सरकार और प्रशासन के स्तर पर उपलब्धता की सही रणनीति क्यों नहीं बन पा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में केंद्र सरकार से तत्काल 40 लाख डोज कोविड वैक्सीन मांगी थी लेकिन अभी तक उसके बारे में कोई जवाब नहीं मिल सका है।

अब तक 9.47 लाख को लग चुका कोविड का टीका

जिले में वैक्सीनेशन को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। खासकर जब से 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुई है तो युवा बेझिझक कोविड वैक्सीन लगवा रहे हैं। सरकार ने अब कोचिंग सेंटर समेत अन्य शैक्षणिक संस्थान, शॉपिंग मॉल व होटल-रेस्टोरेंट खोलने के लिए भी यह शर्त रखी है कि उनके स्टाफ को वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगी होनी चाहिए। इसी वजह से वैक्सीनेशन की डिमांड काफी तेज हो गई है।

तीसरी लहर से पहले जिले में कोविड के यह हालात

हेल्थ एक्सपर्ट कोरोना महामारी की तीसरी लहर जल्द आने की आशंका जता रहे हैं। इससे पहले ही जालंधर में कोविड से 63,023 लोग पॉजिटिव हो चुके हैं और इनमें से 1,489 की मौत भी हो चुकी है। फिलहाल दूसरी लहर थम चुकी है लेकिन तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए वैक्सीनेशन ही प्रभावी उपाय बताया जा रहा है। इसके बावजूद जिले में वैक्सीन ना होने से लोगों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। खासकर दूसरी लहर में हुई मौतों को देखकर यह ज्यादा गंभीर है क्योंकि तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। जल्द ही सभी को वैक्सीन ना लगी तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जाएगा।