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  • 1870 Crore Will Be Spent On 68 Km Of Highway, 1485 Acres Of Land Will Be Acquired In Jalandhar, The Cost Of The Project Is Fixed.

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जम्मू-कटरा एक्सप्रेस-वे:68 किलोमीटर हाईवे पर खर्च होंगे 1870 करोड़ रुपए, जालंधर में 1485 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण, प्रोजेक्ट की लागत तय

जालंधरएक महीने पहले
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  • भूमि अधिग्रहण के लिए सेक्शन 3डी का नोटिफिकेशन जारी

अभी तक जिले में बनने वाले नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के लिए 400 करोड़ रुपए तक जमीन और इमारतों के अधिग्रहण के लिए सरकार मुआवजा तय कर चुकी है लेकिन पहली बार जिले के किसानों को 1485 एकड़ जमीन की लागत और निर्माण पर 1870 करोड़ रुपए तय हुए हैं। सरकार ने फिल्लौर से लेकर नकोदर वाया करतारपुर तक अधिग्रहण की जा रही 68 किलोमीटर जमीन की प्रति एकड़ लागत तय भी कर दी है। खास बात यह है कि जालंधर-दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे बनने के बाद 2 घंटे और 20 मिनट में लोग जालंधर से कटरा पहुंच जाएंगे। जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए अंतिम नोटिफिकेशन जारी कर दी है।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से दिए गए डिजाइन के अनुसार नया एक्सप्रेस-वे जालंधर में लुधियाना क्रॉस करते ही फिल्लौर के जरिये प्रवेश करेगा और सतलुज नदी के ऊपर एक नया फ्लाईओवर बनाकर ट्रैफिक कनेक्ट किया जाएगा। जहां पर लाडोवाल टोल प्लाजा है, वहां से लुधियाना जिले का ट्रैफिक फिल्लौर होकर नकोदर की तरफ जाएगा। नकोदर कस्बे में आकर यह एक्सप्रेस-वे दो रूट पर बंट जाएगा। एक रूट जम्मू के कटरा की तरफ जाएगा जबकि दूसरा रूट गोइंदवाल साहब के रास्ते तरनतारन होकर अमृतसर जाएगा।

देहात से निकलेगा 39 किमी. लंबा एक्सप्रेस-वे

जालंधर में यह एक्सप्रेस-वे 68 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें फिल्लौर और जालंधर-2 सब डिवीजन के अंतर्गत 29 किलोमीटर और नकोदर में 10.09 किलोमीटर यह एक्सप्रेस-वे आएगा। अधिग्रहण होने वाली 1485 एकड़ जमीन में से 435 एकड़ जमीन फिल्लौर, 237 एकड़ नकोदर व 813 एकड़ जमीन जालंधर-2 सब डिवीजन के अंतर्गत आती है। डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि सक्षम अथॉरिटीज की तरफ से जमीन अधिग्रहण की नोटिफिकेशन जारी करने के बाद अब इस जमीन के अवाॅर्ड (मुआवजे) निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि 3डी नोटिफिकेशन अधिग्रहित होने वाली जमीन का सारा सर्वे मुकम्मल होने के बाद जारी किया जाता है, जिसमें जमीन मालिकों की जानकारी होती है।

120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी वाहनों की स्पीड लिमिट

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि एक्सप्रेस-वे में दाखिल होने के लिए जालंधर से दो एंट्री पॉइंट्स होंगे, जिनमें से एक करतारपुर व दूसरा रास्ता कंग साहबू गांव, नकोदर से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से इस प्रोजेक्ट के लिए अगले महीने टेंडर जारी करने की संभावना है। इस एक्सप्रेस-वे पर स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी, जिसके चलते जालंधर से कटरा तक का सफर 2.20 घंटे में पूर्ण हो सकेगा जबकि मौजूदा समय में इस रूट पर 5 घंटे तक का समय लगता है। लोगों को कटरा पहुंचने के लिए एक अलग रास्ता मिलेगा और सफर कम हो जाएगा।

फरवरी 2021 में काम शुरू होने की उम्मीद : प्रशांत कुमार
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मैनेजर प्रशांत कुमार ने कहा कि जालंधर में प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 1870 करोड़ रुपए होगी, जिसमें भूमि अधिग्रहण और सिविल वर्क शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जालंधर के तहत आने वाले इलाकों में फरवरी 2021 से काम शुरू होने की उम्मीद है और यह काम अगले दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जालंधर सिटी के ट्रैफिक में आएंगे ये बदलाव

1. फिल्लौर में मौजूदा अमृतसर-पानीपत सिक्स लेन हाईवे को क्रॉस करने के लिए जंक्शन या फिर पुल बनाया जाएगा। 2. लुधियाना से जालंधर की तरफ आते समय सतलुज नदी को क्रॉस करने के लिए हाई लेवल ब्रिज बनेगा। 3. नकोदर में कंग साबू के पास आकर मोगा को जाने वाले मौजूदा फोरलेन नेशनल हाईवे की क्रासिंग तैयार की जाएगी। 4. पुरानी सड़कें इस नए एक्सप्रेस-वे के बाईपास का काम करेंगी। जालंधर सिटी के इलाके कैंट, लांबड़ा के पास गांव लल्लियां कलां, अर्बन एस्टेट की 66 फुटी रोड शहरी बाईपास का काम करेंगी।

प्रोजेक्ट की खास बातें
इस नए प्रोजेक्ट के लिए सारी जमीन खेतीबाड़ी के इस्तेमाल की जाएगी। देश के हाईवे प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने दो कैटेगरी में बांट रखे हैं। पहला- ब्राउनफील्ड कैटेगरी है यानी पुरानी सड़कों को चौड़ा और अपग्रेड किया जाएगा। दूसरा- फील्ड प्रोजेक्ट है, जिसमें खेतीबाड़ी की जमीन एक्वायर की जाती है। जो अभी एक्सप्रेस-वे बनने जा रहा है यह ग्रीन फील्ड कैटेगरी में शामिल है। इसके तहत खेतीबाड़ी की जमीन अधिग्रहण की जाएगी जबकि इमारतें बेहद कम मात्रा में अधिग्रहित होंगी।

नकोदर तक गांवों में सर्वे पूरा
जो जमीन अधिग्रहण की जा रही है, उसमें खेतीबाड़ी की निजी जमीन के अलावा शामलाट भूमि और कई रेवेन्यू रोड भी शामिल हैं। किसानों को उनका पैसा मिल जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने सारे खसरा नंबर के लिए प्रोजेक्ट के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर लिस्ट बनाकर डाल दी है।

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