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पालतू डाॅगी भी हो रहे कैंसर से ग्रस्त:हर माह आ रहे 20% केस; एनजीओ ने स्ट्रे डॉग्स को कैंसर के 50 से ज्यादा ऑपरेशन करवाए

जालंधरएक महीने पहले
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डॉगी का ऑपरेशन करते हुए डॉक्टर। - Dainik Bhaskar
डॉगी का ऑपरेशन करते हुए डॉक्टर।

पेशे से बिजनेसमैन सुनील अरोड़ा के लेब्राडोर के पेशाब में खून आ रहा था। पेट की बीमारी समझ डॉक्टर के पास ले गए तो टेस्ट करवाने के बाद पता चला कि जनन अंगों में कैंसर है। एक अन्य केस में डॉगी में ब्रेस्ट कैंसर मिला। लोग अक्सर डॉगी के इलाज में देरी कर देते हैं, जिस कारण कैंसर गंभीर रूप ले लेता है। पशुपालन विभाग के अस्पतालों में हर माह कैंसर ग्रस्त 15 से 20 फीसदी डॉग्स के केस आ रहे हैं। इस बीमारी के शिकार स्ट्रे डॉग्स भी हो रहे हैं। जालंधर की गैर सरकारी संस्था एनिमल प्रोटेक्शन ने पिछले एक साल में 50 से ज्यादा कुत्तों के कैंसर के ऑपरेशन करवाए हैं। पालतू डॉग्स में लीवर, बच्चेदानी, पित्ता, मुंह, ब्रेस्ट, गुर्दे का कैंसर देखने को मिल रहे हैं।

ठीक होने के बाद डॉगी के साथ एनजीओ के सदस्य।
ठीक होने के बाद डॉगी के साथ एनजीओ के सदस्य।

केमिकल युक्त खाना बीमार कर रहा
कपूरथला के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. जीएस बेदी और जालंधर में तैनात पशुपालन विभाग के वेटनरी डाॅ. एमपीएस बेदी ने जयपुर की कॉन्फ्रेंस में रिसर्च पेपर में डॉग्स में पाए जा रहे कैंसर पर तजुर्बे सांझा किए। डाॅ. जीएस बेदी ने कहा कि केमिकल युक्त खानपान से इंसान में कैंसर पहुंच रहा है। श्री गुरु अंगद देव वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी के डॉ. कुलदीप गुप्ता ने कहा कि ज्यादातर मरीजों में लीवर, किडनी और फेफड़ों का कैंसर पाया जाता है। एनिमल प्रोटेक्शन संस्था के वर्कर युवी सिंह ने कहा कि लोग स्ट्रे डॉग भी उनके पास ले आते हैं, जिन्हें कैंसर था। संस्था ने 50 से ज्यादा स्ट्रे डॉग्स का ऑपरेशन करवाया है।

देरी से प्रजनन, ब्रीडिंग के दौरान कैंसर होने के चांस
सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले पालतू डॉग्स में लैब्रा, जर्मन शेफर्ड, पग व पामेरियन में 100 में से 20 ऐसे केस होते हैं, जिनमें किसी न किसी प्रकार का कैंसर पाया जा रहा है। डॉगी के देरी से प्रजनन और ब्रीडिंग के दौरान मेल व फीमेल डॉगी एक-दूसरे को कैंसर का वायरस ट्रांसफर हो जाता है।

डॉग्स पालने वाले ध्यान दें
1. प्रजनन अंगों का कैंसर इंटर कोर्स के कारण भी फैलता है। इसलिए ब्रीडिंग के दौरान हाइजीन पर विशेष ध्यान दें।
2. कहीं चमड़ी सख्त हो जाए, सोजिश हो या गांठ बने लगे तो वेटनरी डॉक्टर के पास ले जाएं।
3. डॉग्स में साधारण किस्म के ट्यूमर भी पाए जाते हैं, इनका सही समय पर इलाज होना चाहिए।
4. जरूरत से ज्यादा खाना देने से डॉग्स में कैंसर की दिक्कत आ रही है। जब वे सुस्त रहें, खाना-पीना कम कर दें और जरूरत से ज्यादा नींद या फिर चिड़चिड़ापन दिखाएं तो उन्हें डॉक्टर ले जाना चाहिए।

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